ब्रह्मोस-तेजस के मुरीद हुए 80+ देश, दुनिया में बजा ‘मेड इन इंडिया’ का डंका: रक्षा निर्यात ने तोड़ा अब तक का सारा रिकॉर्ड, 38000+ करोड़ के पार पहुँचा आँकड़ा

भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी कामयाबी हासिल की है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात अपने अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। इस साल भारत ने कुल 38,424 करोड़ रुपए के रक्षा उपकरण और हथियार दूसरे देशों को बेचे हैं।

यह पिछले साल की तुलना में करीब 63 प्रतिशत ज्यादा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब दुनिया के लिए हथियार बनाने का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

सरकारी और प्राइवेट कंपनियों ने मिलकर किया कमाल

इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बनाने में सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने मिलकर काम किया है। जहाँ एक तरफ सरकारी कंपनियों के निर्यात में 151 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी आई है, वहीं निजी कंपनियों ने भी करीब 17,353 करोड़ रुपए का सामान विदेशों में भेजा है।

कुल निर्यात में सरकारी कंपनियों का हिस्सा करीब 55 प्रतिशत और प्राइवेट सेक्टर का हिस्सा 45 प्रतिशत रहा है। यह आँकड़े साफ दिखाते हैं कि भारत में बनी चीजों पर अब दुनिया का भरोसा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पाँच सालों की बात करें तो भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ गया है, जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

ब्रह्मोस, तेजस और आकाश मिसाइल की जबरदस्त माँग

आज दुनिया के 80 से ज्यादा देश भारत से रक्षा उपकरण खरीद रहे हैं। सबसे ज्यादा माँग भारत की ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की है। फिलीपींस, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देश इस मिसाइल को बहुत पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह करीब 300 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकती है।

इसी तरह भारत में बना ‘तेजस’ फाइटर जेट भी अर्जेंटीना और नाइजीरिया जैसे देशों की पहली पसंद बना हुआ है। भारत का ‘आकाश’ मिसाइल सिस्टम और ‘पिनाका’ रॉकेट लॉन्चर भी बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। आर्मेनिया जैसे देशों ने पहले ही इसे अपनी सेना में शामिल कर लिया है। यहाँ तक कि भारत में बना ‘अर्जुन’ टैंक भी अब अफ्रीकी देशों की सेनाओं में शामिल होने की कतार में है।

व्यापार करने में आसानी और भविष्य की तैयारी

भारत सरकार ने नियम-कायदों को बहुत आसान बना दिया है, जिससे हथियार बेचने वाली कंपनियों को काफी मदद मिल रही है। अब ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मंजूरी लेना बहुत सरल हो गया है। निर्यातकों की संख्या भी अब 128 से बढ़कर 145 हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि भारत अब केवल छोटे पुर्जे ही नहीं, बल्कि पूरी मिसाइल प्रणालियाँ और लड़ाकू विमान निर्यात कर रहा है।

यह कामयाबी दिखाती है कि भारत अब धीरे-धीरे हथियारों के बाजार में एक बड़ा खिलाड़ी बनता जा रहा है। आने वाले समय में भारतीय रक्षा उत्पादों की माँग और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।