अमेरिका के वॉशिंगटन में 19 फरवरी 2026 को गाजा को लेकर बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर बनाई गई गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक थी। इस बैठक में भारत ने पर्यवेशक (Observer) के रूप में हिस्सा लिया।
बैठक में भारत की ओर से वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास की चार्ज डी अफेयर्स नमग्या खम्पा ने भाग लिया। भारत को इस बोर्ड का सदस्य बनने का निमंत्रण मिला था, लेकिन भारत ने सदस्य के रूप में शामिल होने के बजाए केवल पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहने का फैसला किया।
इस बोर्ड में कुल 27 देशों को सदस्य बनाया गया है। इनमें अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, हंगरी, पाकिस्तान, सऊदी अरब, UAE और इजरायल जैसे देश शामिल हैं। हालाँकि, फिलिस्तीन को इस समूह में शामिल नहीं किया गया, जिस पर कई देशों ने सवाल उठाए गए हैं।
बैठक में गाजा क्षेत्र में शांति स्थापना और पुनर्निमाण पर चर्चा हुई। डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निमाण के लिए 10 अरब डॉलर (लगभग ₹83 हजार करोड़) देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस पहल को वित्त पोषित करेगा जिसका उद्देश्य गाजा का पुनर्निमाण करना है, जो हमास और इजरायल के बीच दो साल के युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया था।
इसके अलावा ट्रंप के पास बोर्ड ऑफ पीस पर वीटो पावर होगी और वे पद छोड़ने के बाद भी इसके प्रमुख बने रह सकते हैं। वहीं, जो देश दो साल के कार्यकाल के बजाए स्थायी सदस्यता चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का भुगतान करना होगा।
ट्रंप की तारीफ करने से नहीं चूके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
वहीं बैठक में शामिल हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप की तारीफ करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने ट्रंप को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ और ‘शांति का इंसान’ कहा औऱ बताया कि ट्रंप के दावे के मुताबिक भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में उनकी भूमिका ने लाखों लोगों की जान बचाई। हालाँकि, भारत ने हमेशा ट्रंप के इन दावों को नकारा है।
शहबाज ने यह भी कहा कि ट्रंप की पहल दुनिया के गंभीर संघर्षों को हल करने में सहायक रही है और आज की यह बैठक इतिहास में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि ट्रंप के प्रयासों से गाजा में स्थायी शांति स्थापित होगी। उनके बयान के दौरान उन्होंने दो बार ट्रंप को ‘शांति का पुरोधा’ बताया और अमेरिका की नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
वहीं शहबाज शरीफ की ट्रंप की चापलूसी पर सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। अली मुस्तफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पाकिस्तान के कठपुतली प्रधानमंत्री लगातार शर्मिंदगी की वजह बने हुए हैं।” एक यूजर ने लिखा, ‘भिखारी भीख के लिए कुछ भी बोलता है।’ दूसरे ने तंज कसा, “वह ट्रंप की तारीफ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान को खत्म होने से बचाया।”

