साझा बयान में साफ कहा कि किसी भी देश को विश्व द्वारा मान्यता दी गई बॉर्डर को बदलने की धमकी या ताकत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। समिट ने ‘हर तरह के’ आतंकवाद की निंदा की। नस्ल, लिंग, भाषा या धर्म की परवाह किए बिना मानवाधिकार और मूलभूत स्वतंत्रता के लिए सम्मान की अपील की गई।
साझा घोषणा इस समिट के खत्म होने के बाद नहीं बल्कि पहले ही जारी कर दिया गया। इससे पता चलता है कि दुनिया में चल रहे युद्धों, हथियारों की होड़ और आर्थिक पहलू इस फैसले में अहम रहा। राजनीतिज्ञ इसे इजरायल, रूस और म्यांमार के लिए कड़ा संदेश मान रहे हैं।
The second session at the G20 Summit in Johannesburg focussed on building a resilient world in the face of disasters, climate change and ensuring energy transitions that are just as well as robust food systems. India has been actively working on all these fronts, building a… pic.twitter.com/Iqvh81CxUj
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
भारत ने इनमें ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, ग्लोबल हेल्थकेयर कार्यक्रम, ड्रग-आतंकवाद नेटवर्क का मुकाबला करने की पहल, ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलरिटी इनिशिएटिव को महत्व दिया।
साउथ अफ्रीका के तीन दिन के दौरे पर गए पीएम मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास ग्लोबल तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है और भारत हमेशा इस महाद्वीप के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव अगले दशक तक अफ्रीका में दस लाख सर्टिफाइड ट्रेनर बनाने के मकसद से ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल अपनाएगा।
PM ने G20 लीडर्स से कहा, “हमारा मिलकर लक्ष्य अगले दस साल में अफ्रीका में दस लाख सर्टिफाइड ट्रेनर्स को ट्रेन करना है। ये ट्रेनर्स इसके बाद लाखों स्किल्ड युवाओं को ट्रेन करेंगे। इस पहल का कई गुना असर होगा। इससे लोकल कैपेसिटी बनेगी और अफ्रीका को मजबूती मिलेगी।”
PM मोदी ने एक G20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम बनाने का भी प्रस्ताव रखा जो हेल्थ इमरजेंसी के दौरान काफी काम आएगी। उन्होंने कहा, “जब हम हेल्थ इमरजेंसी और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं तो हम और मज़बूत होते हैं। हमारी कोशिश साथी G20 देशों से ट्रेंड मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम बनाने की होनी चाहिए जो किसी भी ग्लोबल हेल्थ संकट या प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने में सक्षम हों।”
India is fully committed to sustainability and clean energy, which is why we propose a G20 Critical Minerals Circularity Initiative to promote recycling, urban mining, second-life batteries and related innovations.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
उन्होंने ड्रग ट्रैफिकिंग की चुनौती से निपटने और फेंटानिल जैसे खतरनाक पदार्थों के फैलाव को रोकने के लिए ड्रग-टेरर नेक्सस का मुकाबला करने पर G20 पहल का भी सुझाव दिया। PM मोदी ने कहा, “इस पहल के तहत, हम फाइनेंस, गवर्नेंस और सिक्योरिटी से जुड़े अलग-अलग तरीकों को एक साथ ला सकते हैं। तभी ड्रग-टेरर इकॉनमी को कमजोर किया जा सकता है।”
ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप की बात करते हुए, PM ने कहा कि G20 स्पेस एजेंसियों का सैटेलाइट डेटा डेवलपिंग देशों को खेती और मछली पालन जैसी एक्टिविटीज़ के साथ-साथ डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रीसाइक्लिंग, अर्बन माइनिंग, सेकंड-लाइफ बैटरी प्रोजेक्ट्स और दूसरे इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलरिटी इनिशिएटिव का भी प्रस्ताव रखा। इस इनिशिएटिव का मकसद सप्लाई चेन सिक्योरिटी को मजबूत करना है।

