एवरेस्ट से अंतरिक्ष तक… जानिए भारतीय मूल के NASA एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन की पूरी कहानी, पत्नी के बाद खुद भी निकले ISS मिशन पर

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से भारत के लिए एक बहुत ही गर्व और खुशी देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने मंगलवार (14 जुलाई) को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉसमोड्रोम से रूस के सोयुज MS-29 यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी। यह उनकी पहली अंतरिक्ष यात्रा है। उनके साथ दो रूसी अंतरिक्ष यात्री भी मिशन पर गए हैं। वे अंतरिक्ष में अगले 8 महीने बिताएँगे।

इस पूरे सफर की सबसे खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली बात यह है कि अनिल मेनन के घर में अंतरिक्ष की उड़ान कोई नई बात नहीं है। उनकी पत्नी अन्ना मेनन भी एक अंतरिक्ष यात्री हैं। अन्ना मेनन साल 2024 में स्पेसएक्स (SpaceX) के एक मिशन के जरिए पहले ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा कर चुकी हैं। अब पति अनिल मेनन भी अंतरिक्ष की उसी ऊँचाई पर पहुँच गए हैं, जहाँ उनकी पत्नी ने कदम रखे थे। यह दुनिया के बहुत कम परिवारों में देखने को मिलता है।

‘टीम मेनन’ बनकर बच्चों ने बढ़ाया पिता का हौसला

जब अनिल मेनन का रॉकेट आसमान की तरफ उड़ान भर रहा था, तब जमीन पर एक बेहद प्यारा नजारा देखने को मिला। अनिल मेनन की पत्नी अन्ना मेनन अपने बच्चों के साथ बैकोनूर में मौजूद थीं। पूरा परिवार ‘टीम मेनन’ लिखी हुई एक जैसी T-Shirt पहनकर आया था। बच्चे हाथ हिलाकर और मुस्कुराते हुए अपने पिता का हौसला बढ़ा रहे थे। नासा द्वारा जारी की गई इस तस्वीर में एक तरफ जहाँ अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन अपने मिशन के पहनावे में बेहद गंभीर और तैयार दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका प्यारा परिवार एकजुट होकर उनके उस सपने को पूरा होते देख रहा है।

कौन हैं अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन

अनिल मेनन की उम्र 49 साल है। उनका जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय और यूक्रेनी मूल के हैं। NASA में आने से पहले उनका करियर शानदार रहा है। उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन और सेना में काम किया है। उन्होंने एवरेस्ट क्षेत्र में पर्वतारोहियों का इलाज भी किया है। वे हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन में डॉक्टर थे।

इसके बाद वे अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल बने। इससे पहले वे अमेरिकी एयर फोर्स में भी सेवा दे चुके हैं। वे अफगानिस्तान में सैन्य अभियान का हिस्सा रहे थे। वे साल 2021 में नासा के अंतरिक्ष यात्री चुने गए। इससे पहले वे स्पेसएक्स कंपनी के पहले फ्लाइट सर्जन थे। वहाँ उन्होंने इंसानी अंतरिक्ष मिशन में बड़ी मदद की थी।

विज्ञान के मंच पर देशों के बीच दोस्ती की मिसाल

आज के समय में जब दुनिया भर में देशों के बीच कई तरह के तनाव चल रहे हैं, ऐसे में यह मिशन एक सुखद संदेश देता है। अनिल मेनन ने अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA की तरफ से उड़ान भरी है, लेकिन उनका यह यान रूस का है। उनके साथ दो रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी इस मिशन पर गए हैं। नासा के प्रमुख ने भी इस लॉन्चिंग के मौके पर पहुँचकर दोनों देशों के वैज्ञानिकों के इस आपसी सहयोग की तारीफ की है, जो यह दिखाता है कि विज्ञान हमेशा लोगों को जोड़ने का काम करता है।