अभिव्यक्ति की आजादी पर ज्ञान देने वाले ध्रुव राठी का दोहरा चेहरा, छोटे इन्फ्लुएंसर का इंस्टाग्राम अकाउंट कराया सस्पेंड: मिमिक्री Video बनाने वाले पर मारा कॉपीराइट स्ट्राइक

उभरते हुए इन्फ्लुएंसर शिवम कुमार ने इंस्टाग्राम पर (8 जून 2026) सोमवार को एक वीडियो पोस्ट करके अपने फॉलोअर्स को बताया कि उनका अकाउंट ‘beyondberry07’ को सस्पेंड कर दिया गया है। यह सस्पेंशन प्रोपेगैंडा फैलाने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी की टीम की ओर से कॉपीराइट स्ट्राइक आने के बाद हुआ। खबरों के मुताबिक, जब यह अकाउंट हटाया गया, तब इसके 40,000 से ज़्यादा फॉलोअर्स थे।

यह मामला तब शुरू हुआ जब शिवम ने राठी का एक मिमिक्री वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने राठी की तस्वीर और कुछ क्लिप्स का इस्तेमाल किया, लेकिन बिना ऑडियो के। यह वीडियो पैरोडी के तौर पर बनाया गया था। हालाँकि, इसे व्यंग्य या मिमिक्री मानने के बजाय, राठी की टीम ने कॉपीराइट स्ट्राइक जारी कर दी, जिसके कारण शिवम का इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड हो गया।

शिवम ने ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ की राठी को दिलाई याद

इस मामले को विस्तार से बताते हुए एक वीडियो में शिवम ने सवाल किया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पैरवी करने वाले राठी एक छोटे-से क्रिएटर के खिलाफ ऐसा कदम कैसे उठा सकते हैं।

बड़े क्रिएटर्स लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं, लेकिन छोटे क्रिएटर्स के खिलाफ कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकते। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राठी और उनकी टीम ने किसी की आवाज दबाने के लिए कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल किया है। लगभग दो महीने पहले यूट्यूबर अभिषेक शर्मा ने अपने फॉलोअर्स को बताया था कि उन्हें ध्रुव राठी के ‘AI फिएस्टा’ वेंचर का पर्दाफाश करने वाले वीडियो पर कॉपीराइट स्ट्राइक मिली थी।

‘फेयर यूज’ को लेकर इंस्टाग्राम का मत

‘फेयर यूज’ के बारे में इंस्टाग्राम की अपनी व्याख्या के अनुसार, कॉपीराइट कानून को सख्ती से लागू करने से कुछ मामलों में क्रिएटिविटी दब सकती है और लोग ओरिजिनल काम करने से बचने लगते हैं। इसमें आलोचना, कमेंट्री, पैरोडी, व्यंग्य, समाचार रिपोर्टिंग, टीचिंग, शिक्षा और रिसर्च आते है, जहाँ कॉपीराइट से जुड़ी छूट मिल सकती है।

प्लेटफॉर्म यह भी कहता है कि पैरोडी को ‘फेयर यूज’ माना जा सकता है। अगर वह किसी काम की नकल इस तरह से करती है कि उससे ओरिजिनल काम की आलोचना या उस पर कमेंट्री हो। शिवम के मामले में, वीडियो एक पैरोडी क्लिप थी और उनके अनुसार, इसका मकसद कमेंट्री करना था।

इंस्टाग्राम यह भी कहता है कि ‘फेयर यूज़’ में एक अहम बात यह है कि क्या नया काम ओरिजिनल काम में नया अर्थ, संदर्भ या अभिव्यक्ति जोड़कर उसे बदलता है या उसमें बदलाव लाता है। एक और बात यह है कि क्या इसका इस्तेमाल बाजार में ओरिजिनल काम की जगह ले लेता है।

इस आधार पर शिवम के वीडियो के मामले में ‘फेयर यूज’ का तर्क सही लगता है, खासकर अगर यह ट्रांसफॉर्मेटिव (बदलाव लाने वाला) था और इसने राठी के ओरिजिनल कंटेंट की जगह नहीं ली थी।

राठी की टीम ने जो विरोध करने वालों पर कॉपीराइट टूल्स के बार-बार गलत इस्तेमाल किए हैं, ये बताता है कि बड़े क्रिएटर्स कॉपीराइट स्ट्राइक्स का इस्तेमाल कैसे करते हैं और क्या ‘फेयर यूज’ पॉलिसी के तहत कंटेंट का इस्तेमाल करने के बावजूद छोटे इन्फ्लुएंसर्स की आवाज दबाई जा रही है।