अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है। इसी कड़ी में ईरा ने ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हमला किया गया, जिसमें 15 भारतीय नागरिक सवार थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘स्काईलाइट’ को ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के खासाब पोर्ट से लगभग 5 नॉटिकल मील उत्तर में निशाना बनाया गया। ओमान मेरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) ने बताया कि हमले के बाद जहाज पर सवार सभी 20 क्रू मेंबर्स 15 भारतीय और 5 ईरानी को सुरक्षित निकाल लिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 4 लोगों को चोटें आई हैं।
यह पहली बार है जब ओमान या उसके आसपास किसी लक्ष्य पर इस टकराव के दौरान हमला हुआ है। MSC ने यह स्पष्ट नहीं किया कि टैंकर पर किस हथियार से हमला हुआ। शिप-ट्रैकिंग सेवा Tankertrackers.com के अनुसार, यह छोटा टैंकर आमतौर पर अन्य जहाजों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल होता है और 22 फरवरी से मुसंदम में लंगर डाले हुए था।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि स्काईलाइट का पंजीकृत मालिक सी फोर्स है और इसका प्रबंधन रेड सी शिप मैनेजमेंट करती है। अमेरिका ने दिसंबर 2025 में रेड सी शिप मैनेजमेंट और स्काईलाइट पर प्रतिबंध लगाए थे। आरोप था कि ये कंपनियां ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों को ढोने के लिए ‘शैडो फ्लीट’ संचालित कर रही हैं।
इस बीच ईरान ने घोषणा की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% इस जलडमरूमध्य मार्ग से होकर गुजरता है। यहाँ से सऊदी अरब, इराक, ईरान, यूएई, कुवैत और कतर जैसे देशों का तेल गुजरता है। इससे पहले ओमान के दुकम कमर्शियल पोर्ट पर दो ड्रोन हमले हुए, जिनमें एक प्रवासी कर्मचारी घायल हुआ। एक अन्य ड्रोन का मलबा ईंधन भंडारण टैंकों के पास गिरा।

