मिडिल ईस्ट में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब सीधे परमाणु ठिकानों तक जा पहुँचा है। हालिया घटनाक्रम में इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना और अराद पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसे ईरानी न्यूक्लियर साइट नतांज पर हुए हमले का जवाब माना जा रहा है।
इजरायली सेना इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की कि शनिवार (21 मार्च 2026) को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें डिमोना और अराद तक पहुँचीं। डिमोना, जहाँ इजरायल का संवेदनशील परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है, इस हमले का प्रमुख निशाना बना।
The Iranian regime devastated Arad and Dimona by deliberately striking civilians with missiles. Over 100 people were injured, including children. A blatant war crime. Pure terrorism. pic.twitter.com/e0kpFpdZ6n
— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) March 21, 2026
इजरायल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडम (MDA) के अनुसार, हमले के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकांश लोग मिसाइल के छर्रों या बंकरों की ओर भागते समय घायल हुए हैं।
नतांज हमले का जवाब और ट्रंप की सख्त चेतावनी
इससे पहले शनिवार (21 मार्च 2026) को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्र नतांज परमाणु सुविधा पर एयरस्ट्राइक की थी। ईरान ने इसे ‘आपराधिक हमला’ बताते हुए पलटवार में डिमोना को निशाना बनाया। हालाँकि नतांज में भी किसी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं आई।
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, “यदि ईरान 48 घंटे के भीतर, बिना किसी धमकी के, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके विभिन्न बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देगा, सबसे बड़े संयंत्र से शुरुआत करते हुए।”
🚨 “If Iran doesn’t FULLY OPEN, WITHOUT THREAT, the Strait of Hormuz, within 48 HOURS from this exact point in time, the United States of America will hit and obliterate their various POWER PLANTS, STARTING WITH THE BIGGEST ONE FIRST…” – President DONALD J. TRUMP pic.twitter.com/htLz1A0Mf7
— The White House (@WhiteHouse) March 22, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, ऐसे में इस पर तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
परमाणु केंद्र सुरक्षित, IAEA की निगरानी जारी
हमले के बाद परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया कि डिमोना स्थित नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं। एजेंसी के मुताबिक, क्षेत्र में कहीं भी असामान्य रेडिएशन स्तर दर्ज नहीं किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि डिमोना से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित यह केंद्र लंबे समय से इजरायल के कथित परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता रहा है। हालाँकि आधिकारिक तौर पर इसे शोध केंद्र ही बताया जाता है।

