US-इजरायल के अटैक पर ईरान का पलटवार, कई देशों में अमेरिकी सैन्य बेसों पर दागी मिसाइलें: ट्रंप की ईरानी सेना को धमकी, बोले- हथियार डालो या मरो

मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई जगहों पर मिसाइलें दागी गई हैं और इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया है जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।

तेहरान पर हमले के बाद ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि इजरायल और अमेरिका की हर कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। ईरान को यमन के हूती विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्लाह का समर्थन मिल गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने अबू धाबी (UAE), मनामा (बहरीन), कुवैत, कतर और जॉर्डन में हमले किए हैं। बहरीन सरकार का कहना है कि वहाँ मौजूद अमेरिकी नौसेना के 5वें फ्लीट के मुख्यालय को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई। हालाँकि, इस हमले में कितना नुकसान हुआ इसकी तुरंत कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि UAE के अल धफरा एयर बेस, कुवैत में अमेरिकी आर्मी बेस, सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकाना और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया है। कतर की राजधानी दोहा में भी धमाकों की आवाज सुनी गई है। हालात को देखते हुए दोहा के एयरबेस को बंद कर दिया गया है। लगातार हो रहे इन हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।

ट्रंप की ईरान को धमकी

ईरान पर US और इजरायल के हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया गया है और ये हमले ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने और उसकी नौसेना को खत्म करने के लिए किए जा रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के परणामु कार्यक्रम को लेकर बार-बार चेतावनियों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

ट्रंप ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि इस युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की जान भी जा सकती है लेकिन यह मिशन भविष्य के लिए किया जा रहा है। ट्रंप ने ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से हथियार डालने को कहा है। ट्रंप ने कहा कि अगर वो हथियार डालते हैं तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी और ऐसा ना करने पर दूसरा विकल्प निश्चित मौत है।