अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए गए हवाई हमले में कई छात्रों की मौत हो गई है। ईरान की सरकारी समाचार IRNA द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इजरायल की एक मिसाइल होरमोजगान प्रांत के मिनाब शहर में छात्राओं के एक स्कूल पर गिरी जिसमें 53 छात्राओं की मौत हुई और 63 अन्य घायल हो गई हैं।
IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, गवर्नर रदमेहर का कहना है कि शजरेये तय्यबेह गर्ल्स स्कूल को सीधे निशाना बनाया गया जिसमें छात्राएँ मारी गईं। गर्वनर का कहना है कि स्कूल परिसर में राहत और बचाव कार्य जारी है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में है।
वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दक्षिणी प्रांत हरमोजगान के मीनाब शहर में ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड का एक यूनिट है और उसे निशाना बनाते हुए ही इजरायल ने हमला किया था लेकिन यह मिसाइल सीधी स्कूल पर जा गिरी जिससे छात्राओं और अन्य नागरिकों की मौत हुई।
The US & Israel launched an egregious, unwarranted act of aggression against Iran by indiscriminately targeting Iranian cities. In just one single case, they targeted a primary school in #Minab, Hormozgan Province, killing and maiming tens of innocent young girls.
— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) February 28, 2026
This is a… pic.twitter.com/UfcHtBWd4m
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इन हमलों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल की निंदा करते हुए सबक सिखाने की बात कही है। अराघची ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि नेतन्याहू और ट्रंप की ओर से ईरान के खिलाफ किया गया युद्ध पूरी तरह अवैध और गैरकानूनी है।
उन्होंने कहा, “ट्रंप ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ को ‘इजरायल फर्स्ट’ में बदल दिया है, जिसका मतलब हमेशा ‘अमेरिका लास्ट’ होता है। हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बल इस दिन के लिए तैयार हैं और हमलावरों को वह सबक सिखाएँगे जिसके वे हकदार हैं।”
Netanyahu and Trump's war on Iran is wholly unprovoked, illegal, and illegitimate.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) February 28, 2026
Trump has turned 'America First' into 'Israel First'—which always means 'America Last'.
Our Powerful Armed Forces are prepared for this day and will teach the aggressors the lesson they deserve pic.twitter.com/xhiWydMyXy
अमेरिका और इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी 2026) तड़के ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने बड़े पैमाने पर जवाबी हमले शुरू किए। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए इजरायल और आस-पास के अन्य देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

