जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि देश में SIR की आड़ में NRC लागू करने की साजिश की जा रही है। अरशद मदनी ने UCC, बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाने जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताई।
दरअसल, जमीयत उलमा-ए-हिंद की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद अरशद मदनी ने चर्चा के घोषणा पत्र साझा किया। इसमें कहा गया कि मुस्लिम न कभी झुका है और न कभी झुकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति अब धमकी की राजनीति में बदल चुकी है, जिसका उद्देश्य मुस्लिमों को डराकर उन्हें अपनी शर्तों पर जीवन बिताने के लिए मजबूर करना है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का घोषणापत्र ।
— Arshad Madani (@ArshadMadani007) May 17, 2026
देश के वर्तमान हालात, बढ़ती सांप्रदायिकता, संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी, मुसलमानों और इस्लामी प्रतीकों के खिलाफ बढ़ते कदम तथा नफरत आधारित राजनीति अत्यंत चिंताजनक है। हालाँकि मुसलमान न कभी झुका है और न कभी झुकेगा।…
अरशद मदनी ने कहा कि देश को योजनाबद्ध तरीके से एक वैचारिक राष्ट्र में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC), वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाना, मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाइयाँ और SIR की आड़ में वास्तविक नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने जैसे कदम इसी सिलसिले की कड़ियाँ हैं।
घोषणा पत्र में बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान ‘सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करेंगे’ को संवैधानिक और लोकतांत्रितक मूल्यों के खिलाफ बताया।

