जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) और सेहत योजना से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहाँ अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में 103 ऐसी हार्ट सर्जरी की गईं, जिनमें से लगभग आधे मरीजों को इसकी जरूरत ही नहीं थी। मामला सामने आने के बाद कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सैयद मकबूल अहमद शाह को सस्पेंड कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में 103 हृदय रोगियों को डुअल चैंबर पेसमेकर इम्प्लांटेशन के तहत दर्ज किया गया था। इनमें से 55 संदिग्ध मामलों की जाँच कराई गई तो पता चला कि इनमें से 27 प्रतिशत मरीजों यानी 27 मरीजों को इसकी जरूरत ही नहीं थी क्योंकि उनका हृदय सामान्य रूप से कार्य कर रहा था।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस पर कार्रवाई की। विभाग के आयुक्त-सचिव एम राजू द्वारा जारी आदेश में अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मकबूल को निलंबित कर दिया। विभाग ने आरोप लगाया कि डॉ. मकबूल ने गलत रिपोर्ट दिखाकर आय़ुष्मान भारत सेहत योजना के तहत सरकारी धन ऐंठने की कोशिश की।
अस्पताल में मुफ्त इलाज के बावजूद पैसे वसूले
इसके अलावा भी अनंतनाग के इस सरकारी अस्पताल में कई गड़बड़ियाँ पाई गई हैं। यहाँ कुछ मरीजों को मुफ्त इलाज के बावजूद पैसे वसूले गए। एक मामले में मरीज पीर रफीक अहमद ने बताया कि उनसे एक निजी कंपनी को ₹70 हजार का भुगतान कराया गया।
इस मामले के बाद सरकारी अस्पताल का निजी कंपनियों से मिलीभगत की भी परतें खुलीं। एंटी फ्राड यूनिट की जाँच के दौरान खरीद से जुड़े कुछ रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए जिससे सबूत छिपाने की आशंका पैदा हुई।

