कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में SIR की ड्यूटी कर रहे सरकारी अधिकारी पर हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना बुधवार (29 जुलाई 2026) दोपहर डीजे हल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के देवरा जीवनहल्ली इलाके के रोशन नगर स्थित कौसर मस्जिद के पास की है। करीब 1.30 बजे स्लम डेवलपमेंट बोर्ड के सुपरिटेंडेंट पकीरप्पा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के साथ SIR का काम करने पहुँचे थे।
तभी वहाँ मौजूद दस्तगीर नाम के एक व्यक्ति ने BLO से SIR का फॉर्म माँगा। BLO ने दस्तगीर को बताया कि यह SIR फॉर्म उसे उसके क्षेत्र यानी जयनगर से ही मिलेगा, इसलिए वह उसे फॉर्म नहीं दे सकते। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
तभी पकीरप्पा भी बीचबचाव के लिए उतरे और दोनों लोगों से दस्तगीर और उसके साथी यारब से पूछा कि वे BLO से बहस क्यों कर रहे हैं, तो उनमें से एक ने पकीराप्पा के चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे उनके होंठ से खून बहने लगा। पकीरप्पा ने पुलिस को बताया कि दूसरे आरोपित ने उनकी आँख के पास और पीठ पर भी मारा, जिसमें उन्हें कई चोटें आई हैं।
झगड़ा इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोगों ने बीचबचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पकीरप्पा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी और खुद का इलाज के लिए डॉ. बीआर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुँचे। बाद में पकीराप्पने ने थाने पहुँचकर पुलिस से भी शिकायत की।
पुलिस ने पकीरप्पा की शिकायत पर यारब और दस्तगीर पर सरकारी अधिकारी पर हाथ उठाने को लेकर FIR दर्ज की। शुरुआती जाँच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि कर्नाटक बांग्लादेशी प्रवासियों का निवास बन चुका है, जो सीमापार कर भारत में घुसते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल जाते हैं। उनकी पहली पसंद कर्नाटक है, जहाँ उन्हें आसानी से शरण मिल जाती है। हाल ही में एक डॉक्टर ने भी बढ़ती बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर जानकारी दी थी, लेकिन राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार की पुलिस ने उल्टा डॉक्टर पर ही FIR कर दी। मामला हाई कोर्ट पहुँचा तो अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई।

