होली कॉन्वेंट स्कूल में धर्मांतरण को लेकर आधी रात हुआ बवाल: परिसर में 120 बेड देख हिन्दू संगठनों का शक गहराया, मध्यप्रदेश के सागर का मामला

मध्यप्रदेश के सागर में धर्मांतरण की कोशिश करने की आशंका को लेकर कॉन्वेंट स्कूल के बाहर हिन्दू संगठनों ने जमकर हंगामा किया। हिन्दू संगठनों ने स्कूल के बाहर नारेबाजी करते हुए परिसर के अंदर हो रहे ‘अनुष्ठान’ को रोकने की माँग की। ये हंगामा शनिवार रात करीब 4 घंटे तक चला। हालाँकि बात करने पर पुलिस ने धर्मांतरण से इनकार किया है, कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन मामले की जाँच जारी है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि ये धर्मांतरण को लेकर अनुष्ठान नहीं हो रहा था, बल्कि ईसाई समुदाय का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन, स्कूल में हो रहे ईसाइयत के अनुष्ठान को लेकर हिन्दू संगठन सवाल खड़े कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर में ईसाई समुदाय का कार्यक्रम आयोजित करने की सूचना आम लोगों को मिली थी, हिन्दू संगठनों को वहाँ 120 बेड लगने और ओडिशा, झारखंड समेत कई राज्यों से लोगों के जमावड़े का पता चला। इसका विश्व हिन्दू परिषद समेत कई हिन्दू संगठनों ने विरोध किया। उन्होंने स्कूल पहुँच कर वहाँ घुसने की कोशिश की और कार्यक्रम रोकने के लिए कहा। हंगामे की वजह से स्कूल परिसर में ठहरे लोगों से पुलिस ने पूछताछ की।

उनलोगों ने कहा कि वे पहले से ईसाइयत को मानते हैं। लेकिन उनके आधार कार्ड में जो नाम थे, वे जनजातीय समुदाय के लोगों की तरह थे। उसको लेकर धर्मांतरण की आशंका हुई।

स्थिति बिगड़ने पर दो थानों की पुलिस वहाँ लगाई गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और स्कूल से बाहर निकल कर बात करने को कहा। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीना एसडीपीओ, ब्लॉक अधिकारी, नायब तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुँचे। इस दौरान एक युवक को पीटने की बात भी सामने आई।

स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर कैथरीन के मुताबिक, स्कूल में धर्मांतरण नहीं हो रहा था, बल्कि 3 सिस्टर्स को ‘नन’ बनाने का ईसाइयत का अनुष्ठान चल रहा था। इसको लेकर स्कूल में सिस्टर्स के रिश्तेदार और परिजन आए हुए थे। इसलिए स्कूल में भीड़ थी।

घटना को लेकर पुलिस के साथ शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम भी जाँच के लिए लगाई गई है। जाँच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।