ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक हालिया फैसले पर तीखा ऐतराज जताया है। मौलाना रजवी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए मेनका गोस्वामी को उम्मीदवार बनाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। मौलाना रजवी का कहना है कि ऐसी विचारधारा को बढ़ावा देना समाज और धर्म के लिए ठीक नहीं है।
LGBT समुदाय और समलैंगिकता पर आपत्ति
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि राज्यसभा की खाली सीटों को भरने की प्रक्रिया में ममता बनर्जी ने मेनका गोस्वामी को टिकट दिया है, जो कथित तौर पर LGBT समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। मौलाना का आरोप है कि वह न केवल खुद समलैंगिक होने की पहचान रखती हैं, बल्कि इस विचारधारा को बढ़ावा भी देती हैं। रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मेनका गोस्वामी की एक महिला पार्टनर भी है, जिसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है।
Bareilly, Uttar Pradesh: All India Muslim Jamat’s chief Maulana Shahabuddin Rizvi Barelvi says, "Some Rajya Sabha seats are to be filled, and in this process, West Bengal TMC president Mamata Banerjee has given a Rajya Sabha ticket to a woman, Menka Goswami, who belongs to the… pic.twitter.com/jZbcX7b7Qk
— IANS (@ians_india) February 28, 2026
इस्लाम के नजरिए से बताया गलत
मौलाना रजवी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस्लाम के नजरिए से समलैंगिकता पूरी तरह से ‘नाजायज’ और हराम है। उन्होंने तर्क दिया कि समलैंगिक संबंधों को बढ़ावा देना या ऐसे व्यक्तियों को उच्च सदन में भेजना एक गलत परंपरा की शुरुआत है। मौलाना के अनुसार, मजहब-ए-इस्लाम में इस तरह के आचरण की कोई जगह नहीं है और इसे बढ़ावा देना सामाजिक मूल्यों का पतन है। इस बयान के बाद अब बंगाल की राजनीति और धार्मिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

