ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वक्फ संपत्तियों में बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिला प्रशासन को इस घोटाले से जुड़े कई पक्के सबूत सौंपे हैं। मौलाना शहाबुद्दीन का दावा है कि बरेली में करीब 320 करोड़ रुपए की वक्फ संपत्ति में गड़बड़ी की गई है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की है ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। मौलाना शहाबुद्दीन 31 जुलाई को सीधे कलेक्ट्रेट पहुँचे। वहाँ उन्होंने अपर जिलाधिकारी यानी ADN (प्रशासन) से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रशासन को लगभग 100 पन्नों के दस्तावेज दिए हैं। इन कागजों में जमीनों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, राजस्व विभाग की जानकारियाँ और घोटाले के ठोस प्रमाण शामिल हैं। मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले मुख्यमंत्री को भी भेजी थी। मुख्यमंत्री तक बात पहुँचने के बाद प्रशासन ने उनसे इस मामले के सबूत माँगे थे।
अब मौलाना शहाबुद्दीन ने सभी संबंधित दस्तावेज और सबूत अधिकारियों के सामने रख दिए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इन सबूतों के आधार पर जल्द ही सख्त और निष्पक्ष जाँच शुरू करेगा।
दो स्थानों की जमीनों को बनाया जाँच का आधार, निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई की माँग
मौलाना ने दावा किया कि बरेली जिले की बहेड़ी तहसील के जाम सामंत क्षेत्र में करीब 1400 बीघा वक्फ भूमि से जुड़ी गंभीर अनियमितताएँ हुई हैं। उनके अनुसार, इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 220 करोड़ रुपए है। इसके अलावा सदर तहसील के चंद्रपुर बिचपुरी क्षेत्र की वक्फ भूमि का भी उन्होंने उल्लेख किया, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए है।
उनका आरोप है कि इन संपत्तियों के लेनदेन में नियमों की अनदेखी की गई और वक्फ की जमीन को नुकसान पहुँचाया गया। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ की संपत्तियां समाज और जरूरतमंद लोगों के हितों के लिए होती हैं, इसलिए यदि उनमें किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को उठाने के बाद उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं, लेकिन वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। साथ ही कहा कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेज जाँच एजेंसियों को मामले की सच्चाई तक पहुँचने में मदद करेंगे।
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा था, कि वक्फ की जमीनों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियाँ समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान हुईं और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी भेजा था।

