मिडिल ईस्ट अपडेट्स 02/04/26: भारत सरकार ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की, 60 दिनों का तेल स्टॉक बताया सुरक्षित

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालात को देखते हुए भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सरकार ने घोषणा की है कि जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 30 जून 2026 तक पूरी तरह हटा दिया गया है।

इस फैसले का सीधा मकसद उद्योगों पर बढ़ते खर्च को कम करना और बाजार में जरूरी सामानों की कीमतों को काबू में रखना है। सरकार ने साफ किया है कि युद्ध की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन में काफी दिक्कतें आ रही हैं, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों में।

पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर ड्यूटी हटाने से प्लास्टिक, कपड़ा, दवा और ऑटोमोबाइल जैसे बड़े सेक्टर को सीधा फायदा होगा। हालाँकि, इस फैसले से सरकार को करीब 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, लेकिन उद्योगों को कच्चे माल की कमी न हो, इसके लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार

ऊर्जा के मोर्चे पर सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियाँ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और पीएनजी (PNG) की सप्लाई भी पूरी तरह सुरक्षित है।

निर्यातकों के लिए विशेष मदद

खाड़ी देशों के साथ भारत का करीब 178 अरब डॉलर का व्यापार प्रभावित न हो, इसके लिए एक विशेष इंटर-मंत्रालयी ग्रुप बनाया गया है जो रोजाना मीटिंग कर रहा है। सरकार ने निर्यातकों (Exporters) को राहत देते हुए ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ जैसी स्कीमों की समय सीमा तीन महीने बढ़ा दी है।

इसके अलावा, निर्यातकों की फँसी हुई पूँजी को निकालने के लिए पिछले एक महीने में 12,000 से ज्यादा सर्टिफिकेट (EODC) जारी किए गए हैं, ताकि उनका कामकाज चलता रहे। युद्ध क्षेत्र में फँसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में पुष्टि की गई कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वर्तमान में इस इलाके में 18 भारतीय जहाज हैं, जिनकी पल-पल निगरानी की जा रही है। अब तक 975 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

साथ ही, देश के बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और कहीं भी जाम (Congestion) की स्थिति नहीं है। सरकार हर मोर्चे पर मुस्तैद है ताकि इस वैश्विक संकट का असर देश के आम आदमी की जेब पर न पड़े।