‘ईरानी हथियार डालें या मरने को तैयार रहें’: मिडिल ईस्ट युद्ध के 7वें दिन ट्रंप की खुली चेतावनी, ईरान ने इजरायल पर दागी अपनी सबसे खतरनाक मिसाइल

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब अपने सबसे भीषण दौर में पहुँच गई है। संघर्ष के सातवें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना, पुलिस और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को सीधी और अंतिम चेतावनी जारी की है।

व्हाइट हाउस से दिए एक कड़क बयान में ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों से तुरंत आत्मसमर्पण करने को कहा है। ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा कि अगर ईरानी सेना ने हथियार नहीं डाले, तो उनकी मौत तय है

ट्रंप का अल्टीमेटम: ‘अमेरिका की मर्जी के बिना न चुनें नया सुप्रीम लीडर’

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की सैन्य कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में ईरान की नौसेना के 24 जहाज तबाह किए जा चुके हैं और उसकी एयर डिफेंस प्रणाली अब किसी काम की नहीं रही।

ट्रंप ने ईरान की सत्ता को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका की भागीदारी के बिना अपना नया ‘सुप्रीम लीडर’ नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने ईरानी राजनयिकों से अपील की है कि वे दुनिया के अलग-अलग देशों में शरण ले लें, क्योंकि अमेरिका ईरान को एक नई दिशा देने की तैयारी में है।

खौफ में ईरानी कमांडर, लेबनान से पलायन शुरू

इजरायल के सटीक हमलों ने ईरान के सैन्य नेतृत्व में दहशत पैदा कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुड्स फोर्स और IRGC के दर्जनों अधिकारी, जो लेबनान में हिज्बुल्लाह को ट्रेनिंग और सलाह देते थे, पिछले 48 घंटों में वहाँ से निकल चुके हैं।

इन अधिकारियों को डर है कि वे इजरायल के अगले टारगेट हो सकते हैं। हालाँकि, कुछ छोटे समूहों को अभी भी वहीं रुकने को कहा गया है ताकि हिज्बुल्लाह के साथ संपर्क बना रहे, लेकिन बड़े कमांडरों का वहाँ से भागना ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

समंदर में तबाही: अमेरिकी टॉरपीडो ने डुबोया ईरानी युद्धपोत

जंग का दायरा अब हिंद महासागर तक फैल गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो दागकर ईरान के एक विशाल युद्धपोत को डुबो दिया है।

श्रीलंका के पास हुए इस हमले के बाद समुद्र से 87 शव बरामद किए गए हैं, जबकि केवल 32 लोगों को ही बचाया जा सका। दूसरी ओर, इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हिज्बुल्लाह और ईरानी ‘बसीज’ बल के ठिकानों पर बमबारी तेज कर दी है।

मिसाइल अटैक और बढ़ता मौत का आँकड़ा

जवाब में ईरान ने इजरायल पर अपनी सबसे घातक मिसाइल ‘खोर्रमशहर-4’ दागी है, जो 2000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और एक टन विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। इस भीषण संघर्ष में अब तक ईरान में 1000 से ज्यादा और लेबनान में 70 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस युद्ध ने न केवल हजारों जानें ली हैं, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को भी संकट में डाल दिया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है।