खुद को फ्रीडम ऑफ स्पीच और मीडिया आजादी का चैंपियन बताने वाले ‘May 17 मूवमेंट’ के कोऑर्डिनेटर थिरुमुरुगन गाँधी का दोमुँहापन उजागर हुआ है। थिरुमुरुगन ने चेन्नई प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिल जनम चैनल के पत्रकार के साथ खुलेआम बदतमीजी की। यही नहीं, उन्होंने चैनल को अपनी कॉन्फ्रेंस से ही बाहर निकाल दिया और तीखी झड़प की।
हालाँकि पत्रकार ने इसका तगड़ा विरोध किया और मुँहतोड़ जवाब दिया। इस घटना ने राजनीतिक और मीडिया हलकों में हंगामा मचा दिया।
गाँधी ने चैनल को ‘झूठ फैलाने वाला’ और RSS से जुड़ा बताया तथा भविष्य में इसे क्लब में न आने की चेतावनी दी। गाँधी ने कहा कि “हम तमिल जनम को नहीं चाहते। मैं इसे प्रेस मानता ही नहीं।”
गाँधी ने आरोप लगाया कि पिछले साल अमरन से संबंधित प्रेस मीट में चैनल ने उनके बयान तोड़-मरोड़ कर दिखाए, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, “जब आप झूठी खबरें फैलाते हैं तो हम आपको मीडिया आउटलेट कैसे मान सकते हैं?” इसके अलावा उन्होंने चैनल को RSS से जोड़ते हुए सड़ा चैनल करार दिया।
ஜனம் மைக்கைப் பார்த்தாலே இவருக்கு ஏன் எரிகிறது?
— Anand T Prasad (@itisatp) December 4, 2025
இவரைப் போன்றவர்களுக்கு எரிகிறதென்றால், தமிழ் ஜனம் சரியான பாதையில் பயணிக்கிறது என்றுதானே அர்த்தம்?
அப்போ Subscribe பண்ணுங்க Friends – https://t.co/Kwnti4qtes pic.twitter.com/FescFI7AYB
गाँधी ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में उनके पत्रकार प्रेस क्लब आए तो उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। इस हमले से मीडिया फ्रीडम पर सवाल उठे, क्योंकि गाँधी खुद को बोलने की आजादी का समर्थक बताता है। तमिल जनम के पत्रकार ने विरोध में कहा कि यह मीडिया दमन का प्रयास है।
इस विवाद पर चेन्नई यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (CUJ) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। CUJ ने कहा कि किसी विशेष मीडिया संगठन को बाहर करना शॉकिंग और कभी भी स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रेस क्लब सभी के लिए समान है और यहाँ किसी पत्रकार, न्यूज ऑर्गनाइजेशन, राजनीतिक पृष्ठभूमि, धर्म या भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
TNM के वरिष्ठ संपादक शब्बीर अहमद ने भी कहा, “चेन्नई प्रेस क्लब सभी मीडिया के लिए समान है। राजनीति को यहाँ नहीं लाना चाहिए। किसी मीडिया संगठन को अलग रखना उचित नहीं है।”

