राजस्थान के टोंक जिले में 17 वर्षीय हिंदू छात्र की आत्महत्या के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। मृतक के परिवार ने एक नाबालिग मुस्लिम लड़की, उसके परिजनों और कुछ अन्य मुस्लिम युवकों पर लगातार मानसिक उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
परिवार का दावा है कि किशोर पर खतना करवाने का भी दबाव डाला गया था और वह इसके बाद मेडिकल इलाज करवा रहा था। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
दो साल से मुस्लिम लड़कों के संपर्क में था छात्र
मृतक की माँ टोंक जेल में कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब दो वर्षों से उनका बेटा मुस्लिम लड़कों के साथ रह रहा था। इसी दौरान एक मुस्लिम लड़की उसके संपर्क में आई और दोनों के बीच फोन पर लगातार बातचीत होने लगी।
परिवार का कहना है कि लड़की ने पहले छात्र को प्रपोज किया था और इसके सबूत भी उनके पास मौजूद हैं। परिजनों के अनुसार, धीरे-धीरे लड़के पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा।
परिवार ने आरोप लगाया कि उसे बार-बार धमकियाँ दी जाती थीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आठ महीने पहले जब परिवार को इस संबंध की जानकारी मिली तो उन्होंने किशोर की काउंसलिंग भी कराई थी।
माँ ने लगाए गंभीर आरोप, भाजपा प्रतिनिधिमंडल पहुँचा परिवार के घर
परिवार ने शिकायत में नाबालिग लड़की, उसके मुस्लिम परिवार के सदस्यों और कुछ अन्य युवकों के नाम शामिल किए हैं। उनका आरोप है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना की वजह से किशोर मानसिक तनाव में आ गया था। टोंक कोतवाली थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि परिवार की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है।
घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचा। इस दौरान मृतक की माँ ने हाथ जोड़कर न्याय की माँग की और कहा कि उनके बेटे को प्रताड़ित किया गया, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।

