प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की UAE यात्रा ने भारत को बड़ा फायदा दिया है। दौरे के पहले ही दिन भारत और UAE के बीच कई बड़े समझौते और निवेश का ऐलान हुआ हैं। दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर समझौता हुआ है।
इसके साथ ही स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, LPG सप्लाई और गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाने को लेकर भी अहम MoU साइन हुए हैं। सबसे बड़ी बात यह रही कि UAE की तरफ से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया गया है।
PM Narendra Modi’s short trip to UAE brings big returns for India. Here are the major agreements and investment decisions announced today:
— ANI (@ANI) May 15, 2026
Agreement on Framework for the Strategic Defence Partnership between India and UAE
MoU on Strategic Petroleum Reserves
Agreement on…
ऐसे समय में यह डील और भी अहम मानी जा रही है, जब दुनिया ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन के दबाव से जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 दिनों में 5 देशों के दौरे पर हैं। UAE के बाद वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएँगे।
إن الصداقة بين الهند والإمارات قوية للغاية! وستواصل بلداننا العمل معاً بهدف بناء مستقبل أفضل لكوكبنا.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/2IGiZCeBUY
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, टेक्नोलॉजी और यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना माना जा रहा है।
यूरोप दौरे से भारत को क्या मिलेगा?
UAE के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएँगे। इन देशों के साथ रक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, AI, सेमीकंडक्टर, स्पेस, ब्लू इकॉनमी और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
नॉर्वे में होने वाला इंडिया नॉर्डिक समिट भी भारत के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं इटली दौरे में भारत- EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी का यह दौरा भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को नई मजबूती देगा।

