₹1 करोड़ के इनामी नक्सली रामधेर मज्जी ने 11 साथियों संग किया सरेंडर, बालाघाट में पुलिस को सौंपे हथियार: महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश में था प्रभाव

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बॉर्डर से सटे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में 12 माओवादी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इनमें माओवादी के सक्रिय CCM मेंबर ₹1 करोड़ का इनामी रामधेर मज्जी भी शामिल है। रामधेर MMC जोन के प्रभारी भी थे। सरेंडर करने वालों में 6 महिला नक्सली भी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 7 और 8 दिसंबर 2025 के 2-3 बजे माओवादी ने यह सरेंडर किया। सरेंडर करने वालों में CCM, DVCM, ACM और PM स्तर के बड़े नक्सली भी शामिल हैं। सभी नक्सलियों ने अपने-अपने हथियार भी पुलिस को समर्पित कर दिए। इनमें 3 एके-47, 3 इंसास, 1 SLR, 2 .303 और 30 कार्बन हैं।

यह सरेंडर नक्सल मुक्त अभियान में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि यह पूरा समूह MMC( महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) स्पेशल जोनल कमेटी का हिस्सा था। यह समूह तीन राज्यों के 6 जिलों में नक्सली गतिविधियों को संचालित करता था। अपने 11 साथियों के साथ सरेंडर करने वाले टॉप कमांडर रामधेर मज्जी ने एके-47 के साथ समर्पण किया है, उनका सरेंडर माओवादी संगठन में बड़ी टूट है।

इसके अलावा DVCM रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी हथियार छोड़े। साथ ही ACM स्तर के नक्सली रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने आत्मसमर्पण किया। बाकी लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने भी सरेंडर किया।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बालाघाट में ₹77 लाख का इनामी कबीर समेत 10 नक्सलियों ने सीएम मोहन यादव के सामने आत्मसमर्पण किया था। सीएम ने इन्हें संविधान की प्रति सौंपी थी।