उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ढिकोली गाँव के प्राथमिक विद्यालय नंबर–2 में एक गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले दो मुस्लिम बच्चों ने अपने ही हिंदू सहपाठियों की पानी की बोतल में कई दिनों तक पेशाब भरकर रखा और उसी बोतल से तीन बच्चों ने पानी पी लिया। बदबू आने पर जब इसकी जाँच हुई, तो मामला खुला और पता चला कि ऐसा करने के लिए उन्हें गाँव के ही मौलवी ने कहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित बच्चों में 6 और 7 साल के दो सगे भाई–बहन और उनकी पड़ोसी बच्ची शामिल हैं। पिछले तीन दिनों से बोतल से बदबू आने की शिकायत पर माता–पिता ने बच्चों से पूछा, पर उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
गुरुवार (13 नवंबर 2025) को लंच के समय एक बच्चे ने अपनी बोतल गायब पाई। तलाश करते समय उसने देखा कि क्लास का ही एक बच्चा बाथरूम के पास बोतल में पेशाब कर रहा था। बच्चे ने तुरंत बोतल लेकर प्रिंसिपल के पास पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई।
बच्चों ने बताया तो खुला पूरा मामला
प्रिंसिपल युद्धवीर सिंह ने तुरंत सभी बच्चों को इकट्ठा कर पूछताछ की और आरोपित बच्चों के परिजनों को बुलाया। पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे पिछले 4 दिन से बोतल में पेशाब कर रहे थे। बच्चों ने यह भी दावा किया कि ऐसा करने के लिए गाँव के एक मौलवी अयान बाबर ने उन्हें कहा था।
इस खुलासे के बाद पीड़ित बच्चों के परिवारों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार (14 नवंबर 2025) की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुँचकर आरोपित बच्चों और कथित मौलवी के खिलाफ कार्रवाई की माँग करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि एक बच्ची के चेहरे पर संक्रमण हो गया है और एक बच्चे में हल्के पैरालिसिस जैसे लक्षण दिखे हैं।
मौलवी की तलाश कर रही पुलिस, पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें
मामले की सूचना पर पुलिस टीम स्कूल पहुँची। थाना चांदीनगर के अधिकारियों ने सभी पक्षों से बातचीत की और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है और नामजद मौलवी की तलाश की जा रही है।
प्रिंसिपल युद्धवीर सिंह ने यह भी बताया कि इसी मौलवी का नाम एक पहले की घटना में भी सामने आया था, जब 15 अगस्त के दिन कुछ बच्चों को मस्जिद में रोकने और मजहबी नारे लगाने के लिए उकसाने का आरोप लगा था।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को इस तरह की हरकत के लिए उकसाना बेहद गंभीर अपराध है और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जाँच पूरी होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

