नेपाल में एक बार फिर सड़कों पर GenZ, इस बार PM बालेन शाह का माँग रहे इस्तीफा: जानें 25 वर्षीय गणेश की मौत का मामला, जिसने पुलिस के सामने खुद को लगाई थी आग

नेपाल में बालेन शाह की सरकार आने के बाद से देश की दिक्कतें बढ़ रही हैं। जिन बालेन शाह को बदलाव और ईमानदार राजनीति के लिए सत्ता में बिठाया गया था, आज वह अपनी सत्ता संभालने में ही नाकाम साबित हो हो रहे हैं। क्योंकि देश में 25 वर्षीय गणेश नेपाली की मौत के बाद पूरे नेपाल, खासकर काठमांडू में एक बार फिर बड़े पैमाने पर GenZ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

दरअसल, गणेश नेपाली नेपाल के मुगुल जिले के रहने वाले थे और काठमांडू में पाथाओ (Pathao) ड्राइवर के रूप में काम करते थे। 10 जुलाई 2026 को त्रिपुरेश्वर स्थित पासपोर्ट विभाग के बार गणेश अपनी बाइक लेकर पहुँचे थे। यहाँ पुलिस ने गलत पार्किंग का आरोप लगाते हुए उनकी बाइक पर व्हील लॉक लगा दिया।

इसके बाद पुलिस और गणेश के बीच बहस हुई। गणेश की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। और पुलिस की इसी कार्रवाई से गणेश ने परेशान होकर अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला और खुद पर छिड़ककर आग लगा ली। 60 प्रतिशत से ज्यादा जल चुके गणेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

गणेश नेपाली की मौत के बाद यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा। लोग प्रशासन के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उनके लिए न्याय की माँग की। काठमांडू सहित कई इलाकों में प्रदर्शन हुए, जहाँ लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।

यह मामला नेपाल की संसद तक भी पहुँच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय सभा के सदस्य विष्णु बहादुर विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की माँग की।

बढ़ते विरोध के बीच काठमांडू महानगर और स्थानीय प्रशासन ने गणेश नेपाली के परिवार के साथ 9 सूत्रीय समझौता किया। इसके तहत उनकी पत्नी की योग्यता के अनुसार नौकरी देने, उनकी बेटी की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने का वादा किया गया है। साथ ही पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और नगर पुलिस के तीन अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। हालाँकि, प्रदर्शनकारी केवल मुआवजा नहीं, बल्कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।