न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में शनिवार (20 दिसंबर 2025) को गुरु नानक जयंती के अवसर पर वार्षिक नगर कीर्तन परेड निकाली गई। यह परेड ऑकलैंड काउंसिल की पूर्व अनुमति से आयोजित की गई थी।
परेड के लौटते समय डेस्टिनी चर्च से जुड़े समूह ‘ट्रू पैट्रियट्स ऑफ न्यूजीलैंड’ के कुछ सदस्य सड़क पर खड़े हो गए और हाका प्रदर्शन करने लगे। उनके पीछे एक काला बैनर था, जिस पर लिखा था ‘यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं’।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी हाका करते दिखे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, हालात संभाले और परेड को आगे बढ़ने दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। इस विरोध के ऑर्गेनाइजर ब्रायन टमकी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ऑकलैंड की सड़कों पर आतंकवादी खालिस्तान के झंडे क्यों लहराए जा रहे हैं? ऑकलैंड में खुलेआम आतंकवादी खालिस्तान के झंडे लहराए गए।”
WHY ARE TERRORIST KHALISTAN FLAGS BEING FLOWN ON AUCKLAND STREETS? ??
— Brian Tamaki (@BrianTamakiNZ) December 20, 2025
Today, the terrorist Khalistan flags were waved openly in Auckland.
Let’s be clear:
Khalistan is a terrorist organisation…not just a Sikh religion.
And President Modi from India officially designates… pic.twitter.com/lXjt7vgb1N
फ्री स्पीच यूनियन ने घटना की आलोचना करते हुए कहा कि किसी वैध परेड को शारीरिक रूप से रोकना अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सिख समुदाय पर खालिस्तान से जुड़े आरोप भी लगाए, जिसे लेकर बहस और तेज हो गई।

