गौरतलब है कि डैग्सविसन नामक मीडिया संस्थान से जुड़ी यह पत्रकार प्रेस की स्वतंत्रता की आड़ में लगातार भारत विरोधी एजेंडा चलाती नजर आई हैं। दूसरी तरफ नॉर्वे के पूर्व राजनयिक टेरजे रोड-लार्सन भी भारतीयों के खिलाफ नस्लीय और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में हैं।
दरअसल कुख्यात यौन अपराधी और पीडोफाइल जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में उनका एक ईमेल सामने आया, जिसमें उन्होंने भारतीयों पर बेहद शर्मनाक टिप्पणी की थी। ईमेल में उन्होंने लिखा था, “क्या तुमने वह कहावत सुनी है कि अगर तुम्हें एक भारतीय और एक सांप मिले तो पहले भारतीय को मारो।”
यह आपत्तिजनक टिप्पणी उस ईमेल में सामने आई, जो अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेजों में शामिल थी। ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स से जुड़े थे। लार्सन ने यह टिप्पणी एक भारतीय नेता के नोट पर प्रतिक्रिया देते हुए की थी, जिसे एपस्टीन ने उन्हें भेजा था।
Epstein Files: Norwegian Diplomat Makes Anti-India Comment: 'Have You Heard The Saying, When You Meet An Indian & A Snake, K*ll The Indian First!'
— RT_India (@RT_India_news) February 2, 2026
That's Terje Rod-Larsen – president of the International Peace Institute… pic.twitter.com/TczAHrX3UG
यह ईमेल 25 दिसंबर 2015 का था और इसी साल फरवरी में सार्वजनिक हुआ। टेरजे रोड-लार्सन इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र के दूत भी रह चुके हैं। 2020 में जेफ्री एपस्टीन से संबंध सामने आने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि वह एपस्टीन से मिले थे और 2008 में उसकी सजा के बाद भी संपर्क बनाए रखना गलत था।
MEA ने हेले लिंग को दिया करारा जवाब
नॉर्वे में भारतीय दूतावास ने हेले लिंग के बयान को साझा करते हुए उन्हें उसी शाम आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में आने का निमंत्रण दिया। दूतावास ने कहा, “प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर आज रात 9:30 बजे रेडिसन ब्लू प्लाजा होटल में प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जा रही है। आप वहाँ आकर अपने सवाल पूछ सकती हैं।”
इसके बावजूद हेले लिंग ने एक बार फिर पूरे मामले को तमाशा बनाने की कोशिश की, लेकिन इस बार विदेश मंत्रालय ने उन्हें कड़ा जवाब दिया। मंत्रालय में सचिव सिबी जॉर्ज ने भारत की वैश्विक भूमिका और खासकर कोविड महामारी के दौरान देश की उपलब्धियों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ हर नागरिक को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं और अधिकारों के उल्लंघन पर न्याय पाने का पूरा अधिकार है। सिबी जॉर्ज ने आगे कहा, “लोग कुछ अज्ञानी गैर-सरकारी संगठनों द्वारा प्रकाशित एक-दो समाचार रिपोर्ट पढ़ते हैं और फिर आकर सवाल पूछते हैं। चिंता न करें। हमें लोकतंत्र पर गर्व है।”

