ओडिशा सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए आरक्षण बढ़ा दिया है। साथ ही मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) या OBC के लिए कोटा शुरू किया है।
यह फैसला शनिवार (04 अप्रैल 2026) को राजधानी भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सीएम मोहन चरण माँझी ने बताया कि ST छात्रों के लिए कोटा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.50 प्रतिशत कर दिया गया है, वहीं SC के लिए इसे 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं OBC छात्रों के लिए पहली बार 11.25 प्रतिशत का कोटा लागू किया है, इन्हें ओडिशा में SEBC कहा जाता है।
किन कोर्स में मिलेगा आरक्षण?
सीएम मोहन चरण माझी के मुताबिक, यह नई आरक्षण नीति राज्य की सभी सरकारी यूनिवर्सिटी, उनसे जुडे़ कॉलेजों, ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में लागू होगी। इसके अलावा यह मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कंप्यूटर एप्लीकेशन, नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य हेल्थ कोर्स में भी लागू होगा। साथ ही वेटरनी साइंस, आयुर्वेद, होम्योपैथी, कृषि, आर्किटेक्चर, प्लानिंग और फिल्म टेक्नोलॉजी के छात्रों को भी लाभ मिलेगा।
मेडिकल और इंजीनियर छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ?
यानी इस आरक्षण का लाभ डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपन देख रहे छात्र-छात्राओं को मिलेगा। ओडिशा में यूजी और पीजी कोर्स को मिलाकर मेडिकल की कुल सीटें 2,421 हैं। ST छात्रों के लिए पहले 290 सीटें थीं, अब बढ़कर 545 हो जाएँगी। वहीं SC के लिए अब 272 सीटें सुरक्षित रहेंगी।
उधर, ओडिशा में इंजीनियरिंग क्षेत्र में कुल 44,579 सीटें हैं। जिनमें से ST के छात्रों के लिए पहले 5,349 सीटें थीं, अब 10,030 सीटें मिलने लगेंगी। SC छात्रों के लिए पहले 3,566 सीटें थीं, अब 7,244 सीटें मिलेंगी। SEBC छात्रों के लिए 5,105 सीटें आरक्षित रहेंगी।
सभी कोर्स के लिए होगी लागू?
सीएम माझी ने बताया कि प्रदेश में ST की आबादी 22 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद, तकनीकी, व्यावसायिक, चिकित्सा और संबद्ध पाठ्यक्रमों में उनके लिए आरक्षण लंबे समय से केवल 12 प्रतिशत था। सीएम माझी ने कहा, “इसलिए, हमने उसे जनसंख्या में उनके अनुपात के अनुसार बढ़ा दिया है।”
CMO ने जारी किए दस्तावेज में कहा गया कि यह नई आरक्षण प्रणाली प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किसी भी अन्य कोर्स में यूजी और पीजी स्तर पर प्रमाण पत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने में भी लागू की जाएगी।

