रिश्वत लेते पकड़े गए IAS अफसर धीमान चकमा की सालभर में बहाली कर दी गई है। ओडिशा सरकार ने 21 मई 2026 को जारी किए नोटिस में धीमान चकमा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव के पद पर नियुक्त किया है। पिछले साल ही अफसर को ₹10 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों उनके सरकारी आवास में पकड़ा गया था। इस मामले में कोर्ट का फैसला अभी विचाराधीन है।
मूलरूप से त्रिपुरा के रहने वाले और जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) से पढ़कर निकले 2021 बैच के IAS अफसर धीमान चकमा को 8 जून 2025 को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। इस दौरान वह कालाहंडी जिले के धरमगढ़ में सब-कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि धीमान ने एक बिजनेसमैन से ₹20 लाख की माँग की थी और न देने पर कार्रवाई की धमकी भी दी थी।
इस सूचना पर विजिलेंस अधिकारियों ने 08 जून 2026 को जाल बिछाकर IAS अफसर धीमान को उनके सरकारी आवास से ₹10 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। विजिलेंस टीम ने धीमान के पूरे घर की भी तलाशी ली, जिसमें ₹47 लाख नकद बरामद हुए थे। विजिलेंस टीम ने धीमान को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया। ओडिशा सरकार ने भी धीमान को सस्पेंड कर उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी। यह मामला कोर्ट पहुँचा, जहाँ 24 जुलाई 2026 को ओडिशा हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।
ऐसे में रिश्वत के आरोप लगने वाले IAS अफसर धीमान को राजस्व विभाग में नियुक्ति मिलने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने कहा, “गिरफ्तार, निलंबित, बहाल और अब राजस्व विभाग में तैनात। राजस्व कमाने का एक और मौका मिला।”
अन्य यूजर ने कहा, “IAS की नौकरी जीवन भर के लिए होती हैं, चाहे आप कितने भी भ्रष्ट क्यों न हों।” एक और यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “उन पर ₹10 लाख की रिश्वत लेने का आरोप लगा था और उनके पास से लगभग ₹47 लाख की बेहिसाब नकदी बरामद हुई थी, ऐसे में यह पद उनके लिए एकदम सही है क्योंकि वे राजस्व बढ़ाने के रचनात्मक तरीके जरूर जानते हैं।”
वहीं रिपोर्ट्स में सामने आया कि चकमा की बहाली लंबे समय तक उनके निलंबन से जुड़े सेवा नियमों के तहत की गई है। हालाँकि, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जाँच और विजिलेंस कोर्ट में विचाराधीन आपराधिक मामले पहले की तरह ही जारी रहेगा। अधिकारियों ने साफ किया कि बहाली का मतलब यह नहीं है कि चकमा को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि अदालत का अंतिम फैसला आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

