श्रीलंका बाढ़ में फँसे पाकिस्तानी को IAF ने किया रेस्क्यू, ऑपरेशन सागर बंधु में जर्मनी-ब्रिटेन समेत 10 देशों के 55 लोगों को बचाया: NDRF के 300 जवान तैनात

श्रीलंका में चक्रवात दितवाह की तबाही के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए कमर कस ली। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत जर्मनी, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, यूके, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश समेत कई देशों के नागरिकों को सुरक्षित निकाला।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “जरूरत के समय हम हमेशा साथ खड़े हैं। IAF के Mi-17 हेलिकॉप्टरों ने फंसे विदेशी नागरिकों को रेस्क्यू किया।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दितवाह चक्रवात के कारण कई इलाके पूरी तरह से बंद हो गए थे, जिसमें से लोगों को निकालने के लिए IAF ने हाइब्रिड मिशन चलाया। इसमें गरुड़ कमांडो को उतारकर फँसे लोगों को कोटमाले हेलीपैड तक सुरक्षित पहुँचाया।

पहले चरण में 27 लोगों को बचाया गया, जिनमें 2 जर्मन, 4 दक्षिण अफ्रीकी, 2 स्लोवेनियन, 2 ब्रिटिश, 12 भारतीय और 5 श्रीलंकाई शामिल थे। दूसरे चरण में 28 और लोगों को निकाला, जिसमें 3 पोलिश, 6 बेलारूसी, 5 ईरानी, 1 ऑस्ट्रेलियाई, 1 पाकिस्तानी, 3 बांग्लादेशी और 9 श्रीलंकाई थे। कुल 55 से ज्यादा विदेशी-भारतीय नागरिक सुरक्षित कोलंबो पहुँचे।

IAF ने बताया कि कठिन मौसम में हेलिकॉप्टर लगातार उड़ान भरते रहे। साथ ही तीन घायलों को मेडिकल एयरलिफ्ट किया गया। घरेलू राहत के लिए C-17 विमान से पुणे-वडोदरा से NDRF की 300 से ज्यादा जवान और 35 टन उपकरण चेन्नई भेजे गए, जो तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे।

बता दें कि श्रीलंका ने चक्रवात से व्यापक तबाही के बाद आपातकाल घोषित कर दिया है। लाखों लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। लोगों को बचाने के लिए 1275 राहत शिविर बनाए गए हैं। भारत श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों में आगे बढ़कर मदद कर रहा है। वो एयरफोर्स के साथ ही नेवी के जरिए भी मदद कर रहा है।