पाकिस्तान में फौज और सरकार की भूमिका एक बार फिर हास्यास्पद का कारण बन गई है। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फौज प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका दौरे पर थे। इसी दौरे को लेकर सीनेटर ऐमल वली खान ने संसद में दोनों का मजाक उड़ाया है। सीनेटर ने आसिम मुनीर को मॉल का ‘सेल्समैन’ और शहबाज शरीफ को ‘मैनेजर’ कहकर उनकी खूब खिंचाई की है।
क्या हुआ अमेरिकी दौरे पर?
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। संसद में बोलते हुए सीनेटर ऐमल वली खान ने इस मुलाकात का वर्णन किया। सीनेटर ऐमल वली खान ने कहा कि फौज प्रमुख मुनीर अपने ब्रीफकेस में रेयर अर्थ मिनरल्स लेकर घूम रहे थे। सीनेटर ऐमल ने कहा कि मुनीर ने उन्हें ट्रंप को दिखाया, जैसे कोई सेल्समैन मॉल में नया माल पेश करता हो। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को सीनेटर ऐमल वली खान ने मैनेजर का रोल कहा- जो बस खड़े होकर तमाशा देख रहे थे।
सीनेटर ऐमल वली खान ने यह भी सवाल उठाया कि फौज प्रमुख को किस अधिकार से देश के रणनीतिक संसाधनों को अमेरिकी नेता के सामने प्रदर्शित करने की इजाजत मिली।
An elite designer shop ( a newly established). The picture defines the characters. pic.twitter.com/qX9hFg9DkZ
— Aimal Wali Khan (@AimalWali) September 28, 2025
लोकतंत्र के खिलाफ बताया गया कदम
सीनेटर ऐमल वली खान ने इस पूरी घटना को पाकिस्तान के लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह सीधी तानाशाही है। यह सीधे-सीधे संसद की अवमानना है। सीनेटर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह दृश्य किसी ‘एलिट डिज़ाइनर शॉप’ जैसा लग रहा था। उन्होंने मुनीर पर सवाल दागा कि क्या सेना प्रमुख इस देश की जनता को जवाबदेह हैं या यह संसद?
ट्रंप के बयान पर बवाल
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि मुनीर और शहबाज दोनों ने व्हाइट हाउस में भारत-पाक संघर्ष रोकने में उनकी भूमिका की सराहना की। ट्रंप ने बताया कि आसिम मुनीर ने उनके सामने कहा था, “इस आदमी ने लाखों जानें बचाईं क्योंकि उसने युद्ध को बढ़ने से रोक दिया।” ट्रंप का वहीं ख्याली पुलाव, जिसमें वो नोबेल प्राइज के लिए बार-बार सामने आना चाहते हैं।
हालाँकि, भारत ने ट्रंप के इस शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन के दावे को खारिज कर दिया है। भारत ने कहा कि संघर्ष विराम पर बातचीत पूरी तरह द्विपक्षीय थी। यह दौरा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प के बाद मुनीर का तीसरा अमेरिका दौरा था। कुल मिलाकर, फौज प्रमुख का रणनीतिक खनिज संसाधनों को विदेशी नेता के सामने रखना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ माना गया है और उनके ही लोगों ने उनकी खूब खिल्ली उड़ाई है।

