G20 समिट में PM मोदी का संबोधन: ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, G20 हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम और ड्रग–टेरर नेक्सस के खिलाफ पहल का दिया प्रस्ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (22 नवंबर 2025) को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन को संबोधित किया है। अफ्रीका पहली बार G20 समिट होस्ट कर रहा है और यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं के लिए महत्वपूर्ण मौके के तौर पर देखा जा रहा है। 21 से 23 नवंबर तक होने वाले जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए PM मोदी शुक्रवार को जोहान्सबर्ग पहुँचे थे।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन को लेकर X पर कई पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा कि पहला सत्र समावेशी और टिकाऊ विकास पर केंद्रित था। पीएम मोदी ने लिखा, “अफ्रीका पहली बार G20 समिट होस्ट कर रहा है, इसलिए अब हमारे लिए अपने डेवलपमेंट पैरामीटर्स पर फिर से सोचने और ऐसी ग्रोथ पर फोकस करने का सही समय है जो इनक्लूसिव और सस्टेनेबल हो। भारत के सभ्यागत मूल्य खासकर ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने सर्वांगीण विकास के सपने को पूरा करने के लिए कुछ ठोस कदम सुझाए हैं। पहला कदम है- G20 ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी (वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार) का निर्माण। इस क्षेत्र में भारत का बहुत समृद्ध इतिहास रहा है। यह पहल हमें अपनी सामूहिक परंपरागत बुद्धि, ज्ञान और अनुभव को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।”

PM मोदी ने लिखा, “अफ्रीका की प्रगति, दुनिया की प्रगति के लिए बहुत जरूरी है। भारत हमेशा से अफ्रीका के साथ खड़ा रहा है। मुझे इस बात पर गर्व है कि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकन यूनियन को G20 की स्थाई सदस्यता मिली। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने G20–अफ्रीका स्किल्स मल्टिप्लायर इनिशिएटिव का प्रस्ताव रखा है। हमारा साझा लक्ष्य यह होना चाहिए कि अगले दस सालों में अफ्रीका में 10 लाख सर्टिफाइड ट्रेनर्स तैयार किए जाएँ।”

पीएम मोदी ने बैठक में G20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम बनाने का प्रस्ताव रखा है। पीएम मोदी ने लिखा, “स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते समय, हम साथ मिलकर काम करें तो ज्यादा मजबूत होते हैं। हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि G20 देशों के प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों की ऐसी टीमें बनाई जाएँ, जिन्हें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तैनात किया जा सके।”

उन्होंने आगे लिखा, “ड्रग तस्करी की चुनौती से निपटने के लिए, खासकर फेंटानिल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग्स के फैलाव को रोकने के लिए, भारत ने ‘ड्रग–टेरर नेक्सस’ का मुकाबला करने के लिए G20 पहल का प्रस्ताव रखा है। आइए, हम मिलकर इस घिनौनी ड्रग–आतंक की अर्थव्यवस्था को कमजोर करें!”

दक्षिण अफ्रीका में जारी इस सम्मेलन के दौरान PM मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से बात की है और कई नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता भी होनी है।