‘सूरत शहर नहीं, एक Spirit है’: PM मोदी ने गुजरात को दी ₹18800 करोड़ की सौगात, बोले- कॉन्ग्रेस की ‘परजीवी राजनीति’ अब नहीं चलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में 18,800 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद PM मोदी पहली बार गुजरात पहुँचे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने सूरत की जनता का आभार जताया। साथ ही उन्होंने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

PM मोदी ने सूरत के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि सूरत सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक स्पिरिट (Spirit) है। यह शहर लगातार स्वच्छता के अवॉर्ड जीत रहा है। एक समय था जब सूरत प्लेग जैसी महामारी से परेशान था। लेकिन आज यह अपनी सफाई के लिए पूरे देश में मिसाल बन चुका है।

जनता ने तोड़ दिए मेरे भी सारे रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री ने स्थानीय चुनावों में मिली जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ढाई दशक से ज्यादा समय से गुजरात की जनता भाजपा को आशीर्वाद दे रही है। हाल ही में हुए चुनावों में जनता ने समर्थन के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। PM मोदी ने कहा कि वह आज इसलिए ज्यादा खुश हैं, क्योंकि जनता ने उनके खुद के भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

कॉन्ग्रेस की ‘परजीवी राजनीति’ पर तीखा हमला

PM मोदी ने कॉन्ग्रेस पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में कॉन्ग्रेस की परजीवी और अराजकता वाली राजनीति अब नहीं चलेगी। देश की जनता निराशा और अनिश्चितता को बिल्कुल पसंद नहीं करती। कॉन्ग्रेस पिछले 12 सालों से देश में अराजकता फैलाकर अपने लिए मौके ढूँढ रही है। लेकिन जनता उसे बार-बार करारा जवाब दे रही है। गुजरात के लोगों ने तो कॉन्ग्रेस को पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया है।

PM मोदी ने कॉन्ग्रेस शासित राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जहाँ भी उनकी सरकारें हैं, वहाँ जनता कुशासन से तंग आ चुकी है। हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार होने के बावजूद वहाँ के स्थानीय निकाय चुनावों में कॉन्ग्रेस बुरी तरह हार गई। कर्नाटक की जनता में भी कॉन्ग्रेस सरकार को लेकर भारी गुस्सा है, जिसके कारण उन्हें अपना मुख्यमंत्री तक बदलना पड़ रहा है। हरियाणा और पंजाब की जनता ने भी कॉन्ग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है।

आत्मनिर्भर भारत का मजाक उड़ाने वालों को जवाब

PM मोदी ने हजीरा का जिक्र करते हुए कहा कि इसे देश के बड़े समुद्री औद्योगिक केंद्र (Maritime Industrial Hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह आत्मनिर्भरता का बड़ा केंद्र बन रहा है। उन्होंने कुछ निराशावादी लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मजाक उड़ाते हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने हमेशा देश को दूसरों पर निर्भर रखा। जो देश दूसरों पर निर्भर रहता है, वह कभी तरक्की की ऊँचाइयों को नहीं छू सकता।

पिछली सरकारों की छोटी सोच पर तंज

PM मोदी ने देश की पुरानी व्यवस्था पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में एक ऐसा समय था, जब लोग मेगावाट (Megawatt) से आगे की सोच ही नहीं पाते थे। उनकी सोच बहुत छोटी थी। आज भारत की कुल रिन्यूएबल कैपेसिटी 250 गीगावॉट तक पहुँच गई है। इसमें से 50 गीगावॉट यानी देश की ग्रीन एनर्जी का पाँचवाँ हिस्सा अकेला गुजरात पैदा कर रहा है। अब गुजरात ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा।

वैश्विक संकटों के बीच मजबूत खड़ा है भारत

PM मोदी ने कहा कि यह दशक पूरी दुनिया के लिए आपदाओं का दौर साबित हो रहा है। पहले कोरोना संकट आया और फिर कई जगहों पर युद्ध शुरू हो गए। आज दुनिया भर में पेट्रोल-गैस का भारी ऊर्जा संकट है और सप्लाई चेन ध्वस्त हो गई है। यह संकट दिखाता है कि एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है। संतोष की बात है कि 140 करोड़ भारतीयों के साझा प्रयास से भारत हर संकट का मजबूती से मुकाबला कर रहा है।

5 जून को पर्यावरण दिवस के मौके पर PM मोदी ने बताया कि पिछले 12 सालों से शहरों को साफ और हरा-भरा बनाने के लिए ‘कचरे से कंचन’ (वेस्ट टू वेल्थ) अभियान चलाया जा रहा है। सूरत को आने वाले कई दशकों तक पीने का साफ पानी मिलता रहे, इसके लिए तापी बैराज प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के लिए पानी का मैनेजमेंट और जल निकासी हमेशा से सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है।