‘हर दो मिनट में उड़ेगा जहाज’: PM मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का किया उद्घाटन, कहा- सपा ने लूटा तो कॉन्ग्रेस ने दबाए रखी फाइलें

उत्तर प्रदेश के जेवर में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शनिवार (28 मार्च 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य उद्घाटन कर दिया है। उद्घाटन से पहले पीएम ने सामने बैठे लोगों से कहा, “जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन आपको करना है। मैंने तो केवल पर्दा हटाया है, आप लोग उद्घाटन के असली हकदार है। अपने मोबाइल की लाइट जलाइए और उद्घाटन कीजिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जेवर एयरपोर्ट देश को समर्पित कर दिया है।”

पीएम मोदी ने रिमोट के जरिए जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। दिल्ली से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित इस अत्याधुनिक एयरपोर्ट का पहला चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है। 3,900 मीटर लंबे रनवे के साथ यह एयरपोर्ट बड़े विमानों के संचालन में सक्षम है और यहाँ इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) तथा आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग की मदद से हर मौसम में 24 घंटे उड़ानें संचालित की जा सकेंगी।

इस दौरान PM मोदी ने कहा, “यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और यहाँ के नौजवानों के लिए अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहाँ से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगी ही, साथ ही यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मैं उत्तर प्रदेश, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य एयरपोर्ट के लिए बधाई देता हूँ।”

इस दौरान PM मोदी ने कहा, “यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और यहाँ के नौजवानों के लिए अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहाँ से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगी ही, साथ ही यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मैं उत्तर प्रदेश, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को इस भव्य एयरपोर्ट के लिए बधाई देता हूँ।”

पीएम मोदी ने बताया कि इस एयरपोर्ट से हर दो मिनट में एक जहाज उड़ेगा। उन्होंने मध्य एशिया के संकट को लेकर कहा, “आज पूरा विश्व चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है, युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, पेट्रोल-डीजल-गैस-खाद जैसी कई जरूरी चीजों का चारों तरफ संकट पैदा हो गया है। हर देश इस संकट का सामने करने के लिए प्रयास कर रहा है और भारत भी इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है, देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत तो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस, जहाँ युद्ध चल रहा है इससे प्रभावित इलाके से मँगाता है। इसलिए सरकार हर वो कदम उठा रही है जिससे सामान्य परिवारों पर, किसानों पर इस संकट का बोझ ना पड़े। संकट के समय में भी भारत ने अपने तेज विकास को जारी रखा है। पश्चिमी यूपी में ही पिछले कुछ सप्ताह में यह चौथा प्रोजेक्ट है जिसका शिलान्यास या लोकार्पण हुआ है।”

PM मोदी ने सपा और कॉन्ग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का ATM बना लिया था लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा यूपी के विकास का सश्क्त इंजन बन रहा है। यह एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति का उदाहरण है। इस एयरपोर्ट को अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने 2003 में फाइलें में मंजूरी दे दी थी लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्र की कॉन्ग्रेस और यहाँ की पहले की सरकारों ने इसकी नींव नहीं पड़ने दी। 2004 से 2014 तक यह एयरपोर्ट फाइलों में दबा रहा। जैसी ही UP और दिल्ली में बीजेपी-NDA की सरकार बनी तो जेवर एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी, निर्माण भी हुआ और अब यह शुरू भी हो गया है।”

पूरे NCR के आर्थिक विकास को नई गति देगा एयरपोर्ट

पहले चरण में ही यह एयरपोर्ट सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है, जिसे आने वाले चरणों में बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक पहुँचाने की योजना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित इस परियोजना में करीब 11,200 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है।

इसे एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी दी गई है, वहीं रेल और मेट्रो से जोड़ने की योजना भी इसे एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब बनाती है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह एयरपोर्ट खास है, जहाँ ऊर्जा-कुशल तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

इसका डिजाइन भारतीय संस्कृति से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक देखने को मिलती है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से जहाँ इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर दबाव कम होगा, वहीं उत्तर प्रदेश और पूरे NCR में निवेश, रोजगार और व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: भविष्य का ग्रीन, स्मार्ट और ग्लोबल कार्गो-ट्रांसपोर्ट हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में एक मजबूत कार्गो सिस्टम बनाया गया है, जिसमें मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं। यहाँ हर साल करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन सामान संभालने की क्षमता है, जिसे आगे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है।

इसके साथ ही 40 एकड़ में फैला एक खास मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) क्षेत्र भी तैयार किया गया है। इस एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें ऊर्जा बचाने वाली तकनीकों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार तरीकों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि इसे जीरो एमिशन वाली सुविधा के रूप में चलाया जा सके।

यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित यह एयरपोर्ट सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से अच्छी तरह जुड़ा होगा। इसे एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों और माल की आवाजाही आसान और तेज हो सके।