प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (8 नवंबर 2025) को दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में कानूनी सहायता वितरण तंत्र को मजबूत करने पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत की न्यायिक प्रणाली को नई मजबूती देने वाला साबित होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि न्याय अब हर व्यक्ति तक पहुँचने लगा है, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। यही सामाजिक न्याय की सच्ची नींव है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले कुछ सालों में ‘ईज ऑफ डूइंग’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ जस्टिस’ सुनिश्चित करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं।
Addressing the National Conference on Strengthening Legal Aid Delivery Mechanisms at Supreme Court. https://t.co/aAlPK9koIK
— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2025
प्रधानमंत्री ने मध्यस्थता को भारतीय सभ्यता की परंपरा बताते हुए कहा कि नया मीडिएशन एक्ट इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप दे रहा है। यह विवादों को सुलझाने और मुकदमेबाजी कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी ने तकनीक की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट परियोजना न्याय तक पहुँच को सरल बना रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा 80,000 से अधिक निर्णयों को 18 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की पहल को उन्होंने सराहनीय बताया और उम्मीद जताई कि यह प्रयास हाईकोर्ट और जिला स्तर पर भी जारी रहेगा।

