सेमीकंडक्टर से लेकर रक्षा क्षेत्र तक में भारत-नीदरलैंड मिलकर करेंगे काम, PM मोदी संग रॉब जेटेन ने बनाई रणनीति: 17 बड़े समझौते पर हुए हस्ताक्षर

पीएम मोदी के नीदरलैंड दौरे से दोनों देशों के बीच 17 अहम समझौते हुए हैं। दोनों देशों ने ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ पर जोर दिया है। दोनों देशों के बीच रक्षा, सेमीकंडक्टर, मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा क्षेत्र, एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ये समझौते हुए हैं।

दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट के खोले जाने पर जोर दिया साथ ही सुरक्षित और खुला समुद्री मार्ग यानी फ्रीडम ऑफ नेविगेशन पर जोर दिया।

दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप बनाने पर सहमति जताई। संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों के निर्माण पर चर्चा की। टैक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वैंचर पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ कई विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक कार्ययोजना तैयार करने पर पीएम मोदी ने जोर दिया। साथ ही अंतरिक्ष यात्रा, समुद्री प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग करने को लेकर बात हुई।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग पर बात हुई। नीदरलैंड के सेमिकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ा जाएगा। क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने पर सहमति बनी। इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और नीदरलैंड्स के बीच दोस्ती का एक प्रमुख स्तंभ है।

भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने पश्चिमी भारत में एक बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने के लिए डच टेक्नोलॉजी दिग्गज ASML के साथ एक डील साइन की है। यह डील ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड्स में थे। यह समझौता शनिवार (16 मई 2026) को घोषित किया गया। गुजरात के धोलेरा में टाटा की सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के विकास में ASML मदद करेगा

भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौता अनगिनत अवसर प्रदान करता है। फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं। सांस्कृतिक सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने नीदरलैंड की तारीफ करते हुए कहा, “मुझे यहाँ नीदरलैंड्स में आकर बहुत खुशी हो रही है, जिसका उद्देश्य हमारे द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करना है।”

पिछले दस वर्षों में भारत और नीदरलैंड्स के बीच साझेदारी बढ़ी है। नीदरलैंड भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है। पीएम मोदी के दौरे से रिश्तों में और मजबूती आएगी और इसका फायदा भारत को मिलेगा।