‘POK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं’: आसिम मुनीर की फौज के टॉर्चर से तंग हजारों प्रदर्शनकारियों ने शहबाज सरकार को ललकारा, गृहयुद्ध में कई दर्जन की मौत और हिरासत में 600 लोग

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शहबाज सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है। मंगलवार (30 जून 2026) को रावलकोट के ईदगाह मैदान में हजारों कश्मीरी जमा हुए और कहा कि वह पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं। इनलोगों ने भारत में जुड़ने की माँग की है।

इस आंदोलन की अगुवाई JAAC यानी जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी कर रही है। संगठन के प्रमुख शौकत नवाज मीर को पाकिस्तानी सेना ने धीरकोट के सांगर फत्तारे इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पाकिस्तान ने 1 करोड़ का ईनाम घोषित किया था। उनके दो सहयोगी नेताओं समेत करीब 600 कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

प्रदर्शन के दौरान JAAC के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि हमें पाकिस्तान के राशन की जरूरत नहीं है, आपको हमारी जरूरत है। अगर आवश्यक सप्लाई बंद रही तो हमें जरूरी चीजों के लिए दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है ताकि लोगों को दिक्कत हो।

दरअसल ये आँदोलन महँगाई, बेरोजगारी और भूखमरी जैसे मुद्दों पर शुरू हुई थी। यह अब पाकिस्तान सरकार के खिलाफ मुहिम बन चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक कई नेताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किए गए हैं। 8 जून 2026 को सरकार ने JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया था और उसके नेताओं पर ईनाम की घोषणा कर दी थी।

जून की शुरुआत में पीओके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। जून से शुरू हुए इस जबरदस्त आंदोलन में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले एक हफ्ते से इन आंदोलन में और तेजी आ गई है। जानकारी के मुताबिक, इसमें करीब 1100 लोगों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है।