पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित जादवपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रेलवे प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रविवार (7 जून 2026) देर रात भारी हंगामा हो गया। अवैध कब्जों को हटाने पहुँची रेलवे और पुलिस की टीम का विरोध कर रहे वामपंथी और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए CPI(M) केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती समेत कम से कम 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वामपंथी दलों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें सुजन चक्रवर्ती और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के प्रदेश महासचिव सृजन भट्टाचार्य सहित कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
Yesterday at midnight Comrades in Jadavpur were given the royal treatment by Kolkata Police for trying to stop the demolition of illegal structures.
— Monidipa Bose – Dey (মণিদীপা) (@monidipadey) June 8, 2026
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Kudos to Kolkata police and Suvendhu government for not bowing to Communist pressures! This party must be… pic.twitter.com/8rV9mGt7cR
बुलडोजर के सामने लेट गए प्रदर्शनकारी, मशीनों पर चढ़कर किया विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पास 212 बस स्टैंड के निकट लंबे समय से बने अवैध दुकानों और ढाँचों को हटाने के लिए बुलडोजर लगाए गए थे। कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद रविवार (7 जून 2026) से ही कॉन्ग्रेस और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता वहाँ जुटने लगे थे।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। इलाके में बैरिकेडिंग कर कई हिस्सों में आवाजाही सीमित कर दी गई थी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार स्थान खाली करने की अपील की, लेकिन उन्होंने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया।
कुछ प्रदर्शनकारी बुलडोजरों के सामने लेट गए, जबकि कुछ मशीनों पर चढ़ गए। इसी दौरान तनाव बढ़ गया और पुलिस ने उन्हें हटाकर अभियान जारी रखा।
वामपंथी दलों का विरोध, मंत्री बोले- अतिक्रमण से रुक रहा विकास
गिरफ्तारियों और लाठीचार्ज के विरोध में SFI कार्यकर्ताओं ने जादवपुर विश्वविद्यालय के सामने राजा एससी मलिक रोड पर धरना भी दिया। वामपंथी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है।
दूसरी ओर राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि फुटपाथों और रेलवे परिसरों पर अतिक्रमण के कारण पश्चिम बंगाल का विकास प्रभावित हो रहा है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में वामपंथी दल दमदम और जादवपुर सहित कई इलाकों में अवैध हॉकरों को हटाने के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में मौजूद दुकानें और ढाँचे पूरी तरह अवैध थे तथा रेलवे की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए थे।

