अडानी स्पोर्ट्सलाइन की ‘गर्व है’ पहल से जुड़े 20 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद आर. ने ओस्लो में खेले गए प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज 2026 टूर्नामेंट (Norway Chess Tournament 2026) में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वह इस बेहद मजबूत और चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। यह शानदार जीत न केवल प्रज्ञानानंद के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय शतरंज के इतिहास के लिए भी एक स्वर्णिम क्षण है।
इस कड़े मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन, मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश, अलीरेज़ा फिरोज़ा, वेस्ली सो और विन्सेंट कीमर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान मैग्नस कार्लसन को दो बार मात दी और गुकेश के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण क्लासिकल मुकाबला जीता। अंतिम दौर में अर्जुन एरिगैसी से मुकाबला ड्रॉ होने के बाद, प्रज्ञानानंद ने आर्मगेडन टाईब्रेकर में बाजी मारकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस ऐतिहासिक सफलता पर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने प्रज्ञानानंद को बधाई देते हुए कहा, “दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर हराना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। प्रज्ञानानंद उभरते हुए युवा भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं और पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है।” उन्होंने प्रज्ञानानंद के निडर खेल, गहरी एकाग्रता और मानसिक संतुलन की भी जमकर सराहना की।
Congratulations to Praggnanandhaa on becoming the first Indian to win the Norway Chess tournament – one of the ultimate tests of endurance, intellect and temperament in the world of chess.
— Gautam Adani (@gautam_adani) June 6, 2026
To defeat the world’s absolute best on one of chess’s grandest stages is a remarkable… pic.twitter.com/Cm8hncebV5
ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद ने भी गौतम अडानी के ट्वीट के जवाब में उन्हें धन्यवाद कहा है।
Thank you so much for your incredibly kind words and encouragement, @gautam_adani sir!
— Praggnanandhaa (@rpraggnachess) June 6, 2026
It is my greatest honour to represent India on the global stage.
The support from you and the entire nation is what keeps me motivated to push my limits.
Thank you sir. https://t.co/DQt8jlPQ08
अडानी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड (एईएल) के निदेशक प्रणव अडानी ने इस गौरवशाली क्षण पर कहा, “दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंट्स में से एक नॉर्वे शतरंज जीतने वाले पहले भारतीय बनने की प्रज्ञानानंद की उपलब्धि भारतीय शतरंज और भारतीय खेल जगत के लिए बेहद गर्व का क्षण है। ओस्लो में उन्होंने जो हासिल किया है, उस पर हमें बेहद गर्व है। वह लगातार भारतीय शतरंज और भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। उनकी यह यात्रा देशभर के लाखों युवा लड़के-लड़कियों को शतरंज अपनाने और अपने सपनों को आत्मविश्वास के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। हम उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हैं।”
वर्ष 2013 में शुरू हुए ‘विंबलडन ऑफ चेस’ कहे जाने वाले इस टूर्नामेंट को इससे पहले पाँच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और मौजूदा चैंपियन डी. गुकेश भी नहीं जीत सके थे, जिससे प्रज्ञानानंद की यह जीत और भी खास हो जाती है। प्रज्ञानानंद को निखारने में अडानी स्पोर्ट्सलाइन की ‘गर्व है’ पहल का बड़ा योगदान रहा है, जो देश के भावी चैंपियंस को आर्थिक मदद और वैश्विक मंच प्रदान करती है।

