पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मुस्लिम बहुल इलाके में भीड़ द्वारा 8 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के कुछ दिनों बाद चीन समर्थक और हिंदू विरोधी ‘पत्रकार’ शाहिन मंडल इलाके में हिंसा भड़काते देखा गया।
शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को फेसबुक पोस्ट में शाहीन ने लिखा, “मोथाबाड़ी के रास्ते पर एकजुट हो जाओ… एकजुट रहो, तैयार रहो… हर स्थिति के लिए तैयार रहो…” उसने उकसाते हुए आगे कहा, “अपने रिश्तेदारों, जान-पहचान वालों और दोस्तों से कहो जो पुलिस में काम करते हैं कि अगर ऐसी स्थिति आए, तो वे आदेशों का उल्लंघन करने से बिल्कुल भी न हिचकिचाएँ।”

सड़कों पर अराजकता की उम्मीद जताते हुए, खुद को ‘पत्रकार’ बताने वाले शाहिन ने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा, “क्योंकि वंचित जनता ही आखिरी फैसला करेगी। उनका गुस्सा पूरी तरह जायज है। हाँ, मैं लोगों को उकसा रहा हूँ। यह उकसावा फैलने दो। एकजुटता, संघर्ष और टकराव जिंदाबाद!”
कमेंट सेक्शन में शाहिन ने मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई हिंसा का समर्थन किया और कहा, “जब इस राज्य के अल्पसंख्यक, खासकर मुस्लिम, एकजुट होकर विरोध करते हैं, तो लोग उनका साथ देने के बजाए हमेशा यह जाँचने लगते हैं कि इसके पीछे ‘उकसावा’ क्या है और यह कितना ‘गलत’ है? मुस्लिम उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।”
उसके फेसबुक प्रोफाइल पर नजर डालने से पता चलता है कि शाहिन चीन समर्थित प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देता है। उसने तिब्बतियों पर चीन के अत्याचारों को कम करके दिखाया है और तिब्बत की आजादी की स्थानीय माँग का भी विरोध किया है।
broader and consistent pattern.
— Vladimir Adityanath (@VladAdiReturns) April 5, 2026
His social media posts frequently amplify Chinese state narratives. He has dismissed long-standing Tibetan demands for independence and claimed that China has not committed any atrocities against Tibetans, positions that are proven to be false. pic.twitter.com/J0HT3138zl
शाहिन ने कई बार चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के नियंत्रण वाली संस्थाओं जैसे पुलिस और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की खुलकर तारीफ की है। वहीं दूसरी तरफ वह भारत, उसकी नीतियों और सरकार की आलोचना करता रहा है।
इस तथाकथित ‘पत्रकार’ ने पहले एक हिंदू विरोधी घटना को हल्के में लिया था, जिसमें कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके के मशहूर ओली पब में एक मुस्लिम वेटर ने हिंदू ब्राह्मण अभिनेता सयाक चक्रवर्ती को मटन की जगह बीफ परोस दिया था।

शाहिन ने इस साल जनवरी में पोस्ट करते हुए लिखा था, “ओली पब का वेटर, जो लोगों की मेज पर खाना परोसकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता है, उसे एक छोटी सी गलती के कारण गिरफ्तार कर लिया गया। असली समस्या उसकी गिरफ्तारी है। बाकी जो कुछ भी हुआ, वह बहुत छोटी और आम बात है, जिस पर चर्चा भी नहीं होनी चाहिए।”
इसके बाद उसने पीड़ित को ही जिम्मेदार ठहराया और मुस्लिम वेटर का बचाव करने के लिए पूरे मामले को वर्ग के नजरिए से पेश करने की कोशिश की।

