भारतीय एजेंसियों पर उठाए सवाल, भारत के लोकतंत्र को खतरे में बताया: विदेश में एक बार फिर राहुल गाँधी ने किया देश को बदनाम, जर्मनी में रोया ‘वोट चोरी’ का रोना

विदेश जाकर भारत पर और भारतीय सरकार पर सवाल उठाना राहुल गाँधी की आदत का हिस्सा है। इस बार भी उन्होंने यही किया है। जर्मनी में बर्लिन के एक कॉलेज में बोलते हुए उन्होंने इस बार देश की जाँच एजेंसियों को बदनाम किया। साथ ही ये दिखाने की कोशिश की है कि भारत में निष्पक्ष तरह से चुनाव नहीं होते और यहाँ लोकतंत्र भी खतरे में है।

राहुल गाँधी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी वजह से देश की लोकतांत्रिक संस्थाएँ स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। वहीं CBI और ED जैसी एजेंसियों को लेकर वह विदेश में कहते हैं कि ये संस्थाएँ केवल विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज करती हैं, भाजपा नेताओं पर कोई दर्ज नहीं किया जाता।

ये गौर देने वाली बात है कि राहुल गाँधी अपना ये बयान जिस समय बर्लिन में बैठकर दे रहे थे उससे एक-दो दिन पहले ही ईडी ने हरियाणा में भाजपा नेता के घर पर छापा मारा था और ये खबर हर जगह चली भी थी। मगर, राहुल गाँधी को ऐसी खबरों से क्या… उन्हें ईडी-सीबीआई को गलत ही साबित करना था तो उन्होंने जाँच एंजेंसियों की कार्रवाई पर एकतरफा ही बात की।

आगे बर्लिन स्कूल में छात्रों से बात करने पहुँचे राहुल गाँधी जर्मनी भी वोट चोरी का रोना लेकर गए। वहाँ के लोगों को उन्होंने ये बताया कि भारत में उनकी जिन तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जीत तो हुई मगर वह लोग हरियाणा का चुनाव भी जीते थे इसमें कोई शक नहीं है। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के चुनावों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए।

अपनी बातचीत में उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ये बताया कि भारत में विचारधारा है जो एक भाजपा-आरएसएस को चाहती है जबकि दूसरा विचारधारा सोचती है कि भारत को बातचीत, सहमति और अपने विविध राज्यों और संस्कृतियों की आवाजों के माध्यम से चलाया जाना चाहिए। वह कहते हैं कि देश में लोगों की राय जानकर फैसले होने चाहिए, मगर मोदी सरकार ऐसा नहीं करती।

उल्लेखनीय है कि उनकी वीडियोज सामने आने के बाद भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, राहुल और कॉन्ग्रेस भारतीय लोकतंत्र में अशांति फैलाना चाहते हैं। क्या भारत से प्रेम करने वाला कोई व्यक्ति भारत को असफल होते देखना चाहेगा? राहुल की कॉन्ग्रेस, अपने वैचारिक संरक्षक जॉर्ज सोरोस के साथ, भारतीय लोकतंत्र में अराजकता और अशांति चाहती है।

बता दें कि राहुल गाँधी 17 दिसंबर 2025 को जर्मनी दौरे पर गए थे। उसके बाद से उनकी जिन लोगों से मुलाकात हो रही है उसपे भाजपा सवाल खड़े कर रही है। शनिवार (21 दिसंबर 2025) को भाजपा हेडक्वार्टर में हुई एक पीसी के दौरान भाजपा नेता गौरव भाटिया ने तस्वीरें दिखाते हुए कहा था कि राहुल गाँधी जब भी विदेश जाते हैं वो भारत विरोधी लोगों से जरूर मुलाकात करते हैं।