विदेश जाकर भारत पर और भारतीय सरकार पर सवाल उठाना राहुल गाँधी की आदत का हिस्सा है। इस बार भी उन्होंने यही किया है। जर्मनी में बर्लिन के एक कॉलेज में बोलते हुए उन्होंने इस बार देश की जाँच एजेंसियों को बदनाम किया। साथ ही ये दिखाने की कोशिश की है कि भारत में निष्पक्ष तरह से चुनाव नहीं होते और यहाँ लोकतंत्र भी खतरे में है।
राहुल गाँधी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी वजह से देश की लोकतांत्रिक संस्थाएँ स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। वहीं CBI और ED जैसी एजेंसियों को लेकर वह विदेश में कहते हैं कि ये संस्थाएँ केवल विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज करती हैं, भाजपा नेताओं पर कोई दर्ज नहीं किया जाता।
#WATCH | Berlin, Germany | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "There is a wholesale capture of our institutional framework. Our intelligence agencies, ED and CBI have been weaponised. ED and CBI have zero cases against BJP and most of the political cases are against the people who… pic.twitter.com/ffaoEamAPI
— ANI (@ANI) December 22, 2025
ये गौर देने वाली बात है कि राहुल गाँधी अपना ये बयान जिस समय बर्लिन में बैठकर दे रहे थे उससे एक-दो दिन पहले ही ईडी ने हरियाणा में भाजपा नेता के घर पर छापा मारा था और ये खबर हर जगह चली भी थी। मगर, राहुल गाँधी को ऐसी खबरों से क्या… उन्हें ईडी-सीबीआई को गलत ही साबित करना था तो उन्होंने जाँच एंजेंसियों की कार्रवाई पर एकतरफा ही बात की।
#WATCH | Berlin, Germany | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "There is only one way to produce jobs at scale in India, and that is manufacturing. BJP has completely disincentivised it when they concentrate power in the hands of Ambanis and Adanis, who only trade companies rather… pic.twitter.com/6H5nGjidhr
— ANI (@ANI) December 22, 2025
आगे बर्लिन स्कूल में छात्रों से बात करने पहुँचे राहुल गाँधी जर्मनी भी वोट चोरी का रोना लेकर गए। वहाँ के लोगों को उन्होंने ये बताया कि भारत में उनकी जिन तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में जीत तो हुई मगर वह लोग हरियाणा का चुनाव भी जीते थे इसमें कोई शक नहीं है। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के चुनावों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए।
अपनी बातचीत में उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ये बताया कि भारत में विचारधारा है जो एक भाजपा-आरएसएस को चाहती है जबकि दूसरा विचारधारा सोचती है कि भारत को बातचीत, सहमति और अपने विविध राज्यों और संस्कृतियों की आवाजों के माध्यम से चलाया जाना चाहिए। वह कहते हैं कि देश में लोगों की राय जानकर फैसले होने चाहिए, मगर मोदी सरकार ऐसा नहीं करती।
Rahul Gandhi says-" We think people will fight with each other, we think India will fail"
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)?? (@pradip103) December 23, 2025
Can a man who loves Bharat want India to fail?
Rahul Gandhi in Germany says he thinks:
– People will fight each other
-India will fail
– Unrest will happen
From Fighting Indian state,… pic.twitter.com/1Fg6n2pgNT
उल्लेखनीय है कि उनकी वीडियोज सामने आने के बाद भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, राहुल और कॉन्ग्रेस भारतीय लोकतंत्र में अशांति फैलाना चाहते हैं। क्या भारत से प्रेम करने वाला कोई व्यक्ति भारत को असफल होते देखना चाहेगा? राहुल की कॉन्ग्रेस, अपने वैचारिक संरक्षक जॉर्ज सोरोस के साथ, भारतीय लोकतंत्र में अराजकता और अशांति चाहती है।
बता दें कि राहुल गाँधी 17 दिसंबर 2025 को जर्मनी दौरे पर गए थे। उसके बाद से उनकी जिन लोगों से मुलाकात हो रही है उसपे भाजपा सवाल खड़े कर रही है। शनिवार (21 दिसंबर 2025) को भाजपा हेडक्वार्टर में हुई एक पीसी के दौरान भाजपा नेता गौरव भाटिया ने तस्वीरें दिखाते हुए कहा था कि राहुल गाँधी जब भी विदेश जाते हैं वो भारत विरोधी लोगों से जरूर मुलाकात करते हैं।

