हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी में ‘हुसैन’ बना मंदिर का सेवक, मांस खाकर बाँटने लगा प्रसाद: विरोध करने पर हिंदू महिला से की गई बदतमीजी

राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित 950 साल पुराने गोगाजी महाराज मंदिर (गोगामेड़ी) में इन दिनों भारी तनाव है। ऋद्धिमा शर्मा नाम की महिला के वीडियो ने उस वक्त हड़कंप मचा दिया जब उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के अंदर मुस्लिम लोग न सिर्फ पूजा के नाम पर इस्लामी आयतें पढ़ रहे हैं, बल्कि वहाँ मांस-मछली का सेवन भी हो रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि जिस हाथों से मांस छुआ जा रहा है, उन्हीं से भगवान की सेवा और प्रसाद का वितरण कैसे संभव है?

मांस और मिलावटी प्रसाद का डर

वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों के मुताबिक, हुसैन नाम का व्यक्ति और उसके साथी मंदिर परिसर में ही ईद मनाते और मांसाहार करते देखे गए हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि जो लोग मंदिर की मर्यादा नहीं जानते, वे ही वहाँ प्रसाद बाँट रहे हैं। इससे प्रसाद की शुद्धता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि अगर मंदिर में ही ‘हलाल’ और मांस का प्रवेश होगा, तो हिंदू आस्था का क्या होगा?

साजिश: ‘जाहरवीर’ से ‘जाहरपीर’ बनाने की तैयारी

आरोप है कि सोची-समझी रणनीति के तहत गोगाजी महाराज को ‘जाहरपीर’ बताकर मंदिर का इस्लामीकरण किया जा रहा है। विरोध करने वालों का कहना है कि यह सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आस्था की आड़ में धर्मांतरण और कब्जे का धंधा है। ताज्जुब की बात यह है कि कुछ तथाकथित ‘सेकुलर’ और वामपंथी लोग परंपरा का हवाला देकर इन हरकतों को जायज ठहरा रहे हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

सरकार से ‘मुस्लिम मुक्त’ मंदिर की माँग

सोशल मीडिया पर अब भजनलाल सरकार से माँग की जा रही है कि हिंदू मंदिरों को ऐसे तत्वों से मुक्त किया जाए। ऋद्धिमा शर्मा का दावा है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ बदतमीजी की गई और पीछा किया गया।

अब हिंदू संगठनों ने साफ चेतावनी दी है, अगर सरकार ने मंदिर की पवित्रता वापस नहीं लौटाई, तो हिंदू समाज खुद बड़ा फैसला लेने को मजबूर होगा।