भारत के सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान पहुँची पंजाब की सरबजीत कौर को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके साथ उनके पाकिस्तानी शौहर नासिर हुसैन को भी हिरासत में लिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत को भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उन्हें अटारी बॉर्डर के रास्ते वापस भेजा जाएगा। पाकिस्तान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGMC) और पंजाब सरकार के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान
सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। इस जत्थे में कुल 1932 श्रद्धालु शामिल थे, जो अमृतसर के अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान पहुँचे थे।
जत्था 10 दिन के दौरे के बाद 13 नवंबर 2025 को भारत लौट आया, लेकिन सरबजीत कौर वापस नहीं लौटीं। जाँच में यह भी सामने आया कि उनका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में।
निकाहनामा हुआ था वायरल
बाद में सोशल मीडिया पर उनका उर्दू में लिखा निकाहनामा और एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने इस्लाम अपनाने और अपना नाम बदलकर नूर हुसैन रखने की बात कही। सरबजीत ने पाकिस्तान के शेखुपुरा निवासी नासिर हुसैन से निकाह किया था।
उनका दावा था कि वह नासिर को पिछले कई वर्षों से जानती हैं और यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी से लिया। जाँच में यह भी सामने आया कि सरबजीत ने पाकिस्तानी इमिग्रेशन फॉर्म में राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी अहम जानकारियाँ नहीं भरी थीं, जिससे उनकी पहचान और लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया। निकाह के बाद वह नासिर हुसैन के साथ छिपकर रह रही थी।
मामला लाहौर हाई कोर्ट तक भी पहुँचा था, जहाँ सुरक्षा और वीजा उल्लंघन को लेकर याचिकाएँ दायर की गई थीं। अब इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सरबजीत की गिरफ्तारी हुई है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जल्द भारत भेजा जाएगा।

