चक्रवात ‘मोंथा’ की तबाही से आंध्र और ओडिशा में जनजीवन ठप, एक महिला की मौत: 76000 लोग राहत शिविरों में, फसलें-बागान बुरी तरह बर्बाद

भयंकर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ मंगलवार (28 अक्तूबर 2025) को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकराया। तूफान के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश, भूस्खलन और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में ताड़ का पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। दोनों राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंध्र प्रदेश में लगभग 76,000 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुँचाया गया।

आँकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 38,000 हेक्टेयर में लगी फसलें और 1.38 लाख हेक्टेयर बागान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ओडिशा में भी तटीय और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश से मकानों को क्षति पहुँची और पेड़ उखड़ गए। गजपति जैसे जिलों में भूस्खलन के कारण कई गाँवों के रास्ते बंद हो गए।

चक्रवात के चलते विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा एयरपोर्ट से कुल 48 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि भारतीय रेलवे ने भी एहतियातन 120 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दीं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएं जारी रखते हुए सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को भी सीमित कर दिया था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है।