सिक्किम के नामची में एक निर्माणाधीन सुरंग ढहने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं अब तक 27 मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जा सका है, जो सुरंग के मलबे में फँसे हैं। सुरंग को (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन) NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत बनाया जा रहा था।
यह हादसा सोमवार (20 जुलाई 2026) दोपहर को हुआ, जब सुरंग में अचानक भूस्खलन हो गया और उसकी वजह से सुरंग का एंट्री गेट भी ब्लॉक हो गया। इसी वजह से सुरंग के भीतर काम कर रहे मजदूर उसी में फँसे रह गए। कयामत यही नहीं रुकी, भूस्खलन के कारण सुरंग के भीतर 1.5 किलोमीटर तक मीथेन गैस रिसाव भी हुआ। यह गैस चट्टानों की संरचना में हलचल होने से प्राकृतिक रूप से निकल रही थी।
Sikkim Landslide | 7 killed after under-construction tunnel collapses; 25 workers remain trapped. NDRF and Sikkim SDRF teams are carrying out rescue operations at the site.#Sikkim #Landslide #TunnelCollapse #ITVideo pic.twitter.com/RpBe8NaE4x
— IndiaToday (@IndiaToday) July 21, 2026
इसी गैस से दम घुटने से 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 27 अभी भी भीतर फँसे हैं। जिला अधिकारी तमलिंग ने बताया कि सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और NHPC के 6 समेत कुल 27 मजदूर फँसे होने की आशंका है।
मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम बचाव अभियान चला रही है। जिला अधिकारी ने बताया कि हादसे की खबर मिलने के बाद बंगाल से भी गैस रोधी उपकरणों के साथ एक स्पेशल रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई। साथ ही पाकयोंग और सिलीगुड़ी से भी NDRF की अतिरिक्त टीम बुलाई गई है।
हालाँकि, मीथेन गैस, ऑक्सीजन की कमी और अँधेरे के चलते सुरंग के भीतर रेस्क्यू अभियान चलाने में मुश्किलें आ रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक बाहर निकाले गए 8 मजदूरों के शवों पर मिट्टी की मोटी परत लगी हुई है। सोमवार रात भर से ही सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथरिटी (SSDMA) टीम के नेतृत्व में बाकी रेस्क्यू टीमें मलबे से मजूदरों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटी हैं। हालाँकि, अब तक जिन मजदूरों की मौत हुई है उनकी पहचान सामने नहीं आई है।
मीथेन गैस से क्या खतरा?
मीथेन गैस वैसे तो जहरीली नहीं होती लेकिन यह ऑक्सिजन की मात्रा को कम कर देती है। और इसी ऑक्सीजन की कमी से व्यक्ति बेहोश हो जाता है। इसके अलावा गैस ज्वलनशील होती है। ऐसे में एक चिंगारी भी जानलेवा साबित होती है।

