ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की कार समेत डूबने से हुई दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ (CEO) लोकेश एम को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
इसके साथ ही, पूरे मामले की गहन पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम मेरठ जोन के ADG के नेतृत्व में पाँच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएँ पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं और संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही की जाँच के लिए गठित इस SIT में मेरठ के मंडलायुक्त और पीडब्ल्यूडी (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है। जाँच टीम मुख्य रूप से हादसे के कारणों, जलभराव की समस्या, और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की पड़ताल करेगी।
गौरतलब है कि 27 साल युवराज की कार जलभराव के दौरान एक गहरे गड्ढे/अंडरपास में फँस गई थी, जिससे उनकी जान चली गई। इस घटना ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने भी इस मामले में सरकार को घेरते हुए इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि जाँच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

