सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी किया नया पत्र, अब ‘अनशन’ खत्म करने की रखी ये शर्तें

सोनम वांगचुक ने बुधवार (22 जुलाई) को केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है। पत्र में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से अस्पताल में हुई मुलाकात के बाद अपना रुख साफ किया है। सोनम वांगचुक ने कहा कि वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके लिए सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों की सुरक्षा और न्याय की गारंटी देनी होगी।

सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि दोनों मंत्री बीती रात उनसे अस्पताल में मिलने आए थे। मंत्रियों ने उनसे अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की थी।

बातचीत के दौरान मंत्रियों ने वांगचुक को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरकार ने NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही। इसके साथ ही संसद में इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के लिए सार्थक चर्चा कराने पर भी सहमति जताई। इसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर विचार करना भी शामिल है।

65 सांसदों की अपील और अनशन जारी रखने का फैसला

सोनम वांगचुक ने पत्र में बताया कि 20 जुलाई 2026 को हुआ ‘चलो संसद’ मार्च बहुत ही शांतिपूर्ण था। पुलिस बल के प्रयोग के बावजूद छात्रों ने बहुत धैर्य दिखाया। इस आंदोलन के बाद देश के करीब 65 सांसदों ने पत्र लिखकर उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया है।

सांसदों ने उन्हें याद दिलाया कि देश सेवा के लिए उनका जीवन बहुत महत्वपूर्ण है। सोनम वांगचुक ने कहा कि वह भी जीना चाहते हैं और अपने छात्रों के पास वापस लौटना चाहते हैं। लेकिन वह उन युवाओं के भविष्य की कीमत पर अपना अनशन नहीं तोड़ सकते जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।

सोनम वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट और लिखित आश्वासन माँगा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी पर कोई पुलिस केस या कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इन युवाओं का कसूर सिर्फ एक निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली की माँग करना था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार यह भरोसा देती है, तो वह तुरंत अपना अनशन समाप्त कर देंगे। आश्वासन न मिलने पर वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने के लिए मजबूर होंगे। वांगचुक ने अंत में लिखा कि हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।