सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराई गई महिला अधिकारी को जमानत देते हुए एक बहुत ही हैरान करने वाली बात कही है। कोर्ट ने उस दावे पर कड़ा आश्चर्य जताया, जिसमें कहा गया था कि बरामद की गई रिश्वत की रकम को चूहों ने कुतर कर नष्ट कर दिया है।
जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि अगर ऐसे ही नोट चूहों द्वारा नष्ट होते रहे, तो यह सरकारी खजाने के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। फिलहाल कोर्ट ने महिला अधिकारी की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है।
क्या है चूहों और रिश्वत के नोटों का पूरा चक्कर?
सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि महिला अधिकारी से जो रिश्वत की रकम जब्त की गई थी, वह एक लिफाफे में रखी थी। पटना हाई कोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मालखाना रजिस्टर में तो उन पैसों की एंट्री थी, लेकिन बाद में दावा किया गया कि चूहों ने लिफाफे के अंदर रखे उन नोटों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि नोटों के नष्ट होने का यह कारण बिल्कुल भी भरोसे के लायक नहीं लगता। कोर्ट ने चिंता जताई कि न जाने ऐसे कितने मामलों में चूहों के नाम पर सरकारी रकम का नुकसान होता होगा।
10 हजार रुपए की रिश्वत और सजा का मामला
यह मामला एक महिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी (CDPO) से जुड़ा है। उन पर आरोप था कि उन्होंने काम के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत माँगी थी। शुरुआत में निचली अदालत ने उन्हें सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया था, लेकिन बाद में पटना हाई कोर्ट ने यह फैसला पलट दिया। हाई कोर्ट ने महिला को दोषी पाया और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत उन्हें 4 साल और 3 साल की कड़ी जेल की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट का मानना था कि भले ही नोट चूहों ने नष्ट कर दिए हों, लेकिन बाकी सबूत सजा देने के लिए काफी हैं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और जमानत
महिला अधिकारी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने अब महिला की सजा पर रोक लगा दी है और उन्हें जमानत दे दी है। हालाँकि, कोर्ट ने साफ किया कि ‘चूहों द्वारा नोट नष्ट’ करने वाले इस अजीब पहलू की गहराई से जाँच की जाएगी।
बेंच ने कहा कि ऐसे मामलों में बरामद रकम का गायब होना राज्य के राजस्व की हानि है। अब इस केस की अंतिम सुनवाई के दौरान इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी, तब तक ट्रायल कोर्ट की शर्तों पर महिला बाहर रह सकेंगी।

