‘नया नाम बताओ, वरना नहीं रिलीज होगी फिल्म’: SC ने ‘घूसखोर पंडत’ के फिल्म मेकर्स को फटकारा, पूछा- समाज के एक वर्ग को क्यों नीचा दिखाना चाहते हैं?

नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर छिड़े विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है। कोर्ट ने फिल्म मेकर्स पर कड़ा रुख जताते हुए ऐसा टाइटल रखने के पीछे का कारण पूछा। साथ ही फटकार लगाई कि जब तक नया नाम नहीं बताया जाएगा, तब तक फिल्म रिलीज नहीं होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (12 फरवरी 2026) को अतुल मिश्रा द्वारा दायर की गई जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागारत्न और जस्टिस उज्जवल भूयन की बेंच ने सुनवाई की, जिसमें फिल्म के टाइटल से ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का आरोप लगाया गया। बेंच ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) और फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a)) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन यह अधिकार पूरी तरह से बिना रोक-टोक नहीं है। इस पुर कुछ सीमाएँ भी लागू होती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के नाम पर सवाल उठाते हुए मेकर्स से पूछा, “आप इस तरह के शीर्षक से समाज के एक वर्ग को नीचा क्यों दिखाना चाहते हैं?”

कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के मेकर्स को टाइटल वापस लेने और नए टाइटल घोषित करने को लेकर एफिडेविट जमा करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को तय की गई है।