महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दफ्तर में हिंदू महिलाओं के यौन उत्पीड़न, धार्मिक अपमान और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। अब तक इस मामले में 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मुताबिक, इन्हीं पीड़िताओं में शामिल एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उसने 12 जुलाई 2024 को नासिक ब्रांच में एसोसिएट के रूप में जॉइन किया था। उन्होंने कहा कि जॉइन करने के बाद से ही उन्हें ऑफिस में अपमानजनक माहौल का सामना करना पड़ा, जहाँ उनके देवी-देवताओं और उनके शरीर को लेकर मजाक उड़ाया जाता था।
पीड़िता के अनुसार, स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब एक दिन गिरफ्तार आरोपितों में से एक शफी शेख उनके पास आकर बैठ गया। उसने अपने पैर उनके पैरों से रगड़ने शुरू किए और फिर कीबोर्ड इस्तेमाल करने के बहाने उनके प्राइवेट पार्ट्स को छुआ। इस हरकत से घबराकर पीड़िता तुरंत वहाँ से हट गईं। उन्होंने बताया कि आरोपित ने इस बाद मुस्कान दी, आँखें घुमाईं और फिर वहाँ से चला गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि ऑफिस का माहौल पूरी तरह से ‘डरावना’ हो चुका था। उनके मुताबिक, आरोपी कर्मचारी बिना किसी भय के काम कर रहे थे और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था। महिला ने आगे बताया कि उनके साथ न केवल शारीरिक छेड़छाड़ की गई बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया गया। उनके देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं और उनकी आस्था पर सवाल उठाए गए।
उन्होंने बताया कि उत्पीड़न की शुरुआत सितंबर 2024 में ट्रेनिंग के दौरान ही हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपित आसिफ अंसारी अचानक सामने खड़ा हो गया, उनके स्तनों को घूरने लगा और आपत्तिजनक यौन टिप्पणी की। पीड़िता ने आगे कहा कि अंसारी अपने साथी तौसीफ अत्तार के साथ मिलकर अक्सर उनके शरीर को घूरता था।
पीड़िता का कहना है कि अत्तार ने हिंदू धार्मिक ग्रंथों और देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं। अत्तार ने भगवानों की पत्नियों और बच्चों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है और निदा खान अभी फरार है। वहीं, TCS ने भी मामले की जाँच शुरू की है और इससे जुड़ी कोई POSH शिकायतें ना मिलने की बात कही है।

