उत्तराखंंड के खटीमा में 36 थारू परिवारों ने की घर वापसी, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 106 लोग सनातन में लौटे: धारण किया जनेऊ और कलावा

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा स्थित कुटरी गाँव में थारू जनजाति के लोगों की सनातन धर्म में वापसी का सिलसिला जारी है। यहाँ ईसाई धर्म अपना चुके थारू समाज के 36 लोगों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ स्वेच्छा से सनातन धर्म में वापसी की। इससे पहले इसी गाँव के 70 लोगों ने घर वापसी की थी।

कार्यक्रम ग्राम प्रधान दीपा देवी की मौजूदगी में आयोजित किया गया, जहाँ पंडित हरीश जोशी और साधु मोहन गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुद्धिकरण हवन-यज्ञ संपन्न कराया। अनुष्ठान के बाद सभी लोगों के हाथों में कलावा बाँधा गया, जनेऊ धारण कराया गया तथा उन्हें चरणामृत और प्रसाद ग्रहण कराया गया।

10-12 वर्ष पहले हुआ था धर्मांतरण, अब स्वेच्छा से लौटे लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 10 से 12 वर्ष पहले गाँव के कई थारू परिवारों का बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया गया था। इसके बाद वे नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं में शामिल होने लगे, ईसाई किताबें पढ़ने लगे और गले में क्रॉस पहनने लगे। साथ ही उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं की पूजा, तिलक-चंदन लगाना और प्रसाद ग्रहण करना भी छोड़ दिया था।

अब इन लोगों ने स्वयं आगे आकर सनातन धर्म में लौटने की इच्छा जताई। ग्राम प्रधान दीपा देवी ने कहा कि प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद किया गया, जिसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने क्षेत्र के अन्य लोगों से भी किसी के बहकावे में आकर धर्म परिवर्तन न करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील की।

धर्मांतरण के आरोपों पर पुलिस कार्रवाई, प्रशासन की जाँच के बीच बढ़ी घर वापसी

कुटरी गाँव में धर्मांतरण के मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने धर्मांतरण से जुड़े आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। वहीं प्रशासन द्वारा ईसाई मजहब अपनाने वाले थारू और बुक्सा समुदाय के लोगों के मामलों की जाँच तथा जनजाति प्रमाणपत्रों की समीक्षा के लिए जाँच प्रक्रिया शुरू किए जाने की भी चर्चा है।

स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि इन घटनाक्रमों के बाद कई परिवारों ने अपनी स्थिति पर पुनर्विचार किया। धार्मिक अनुष्ठानों में वैदिक विधि से शुद्धिकरण कराया गया और सनातन धर्म में लौटने वाले लोगों का स्वागत किया गया। ग्राम प्रधान ने कहा कि समाज को जागरूक रहना होगा ताकि कोई भी लोगों को गुमराह कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित न कर सके।