उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन युक्त कफ सिरप के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि देश के भीतर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं और जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।
कोडीन कफ सिरप से उत्तर प्रदेश के अंदर कोई मौत नहीं हुई है…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 22, 2025
देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं,
जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं… pic.twitter.com/vv0eabVu2S
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, न कि अफवाहों और राजनीतिक आरोपों के आधार पर।
यूपी में कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं
सीएम योगी ने सदन में साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कप सिरप के कारण अब तक एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जिन मौतों को लेकर शोर मचाया जा रहा है, वे अन्य राज्यों में सामने आई हैं और उनका संबंध वहां निर्मित नकली दवाओं से है। यूपी में कोडीन सिरप का उत्पादन नहीं होता, यहाँ केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नकली दवाओं के खिलाफ FSDA लगातार कार्रवाई कर रही है और सरकार पूरी तरह सतर्क है।
STF की कार्रवाई और सपा सरकार के समय के लाइसेंस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस मामले में STF ने जिन बड़े होलसेलरों को पकड़ा है, उन्हें लाइसेंस समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सपा से जुड़े लोगों की भूमिका उजागर हो रही है।
सीएम ने यह भी खुलासा किया कि लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते से अवैध लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिसकी जाँच STF कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और कानून अपना काम करेगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि जाँच पूरी गंभीरता से जारी है और अब तक पकड़े गए अभियुक्तों के संबंध सपा से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा था, “जाँच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
झूठे आरोपों पर पलटवार, सरकार का स्पष्ट संदेश
सपा विधायक द्वारा आरोपित की फोटो दिखाने पर मुख्यमंत्री ने इसे निराधार करार देते हुए कहा कि यह विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। सीएम योगी ने साफ किया कि सरकार किसी को बचाने का काम नहीं कर रही, बल्कि तथ्य और कानून के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएँगे, तब विपक्ष को शोर मचाने के बजाय सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए।

